आम्रपाली ग्रुप ED के शिकंजे में, जब्त की ₹99 करोड़ की संपत्तियां

punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 06:12 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 99 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय द्वारा की गई है। लंबे समय से फ्लैट खरीदारों को घर न देने और पैसों के दुरुपयोग के आरोपों से घिरे आम्रपाली मामले में इसे पीड़ित खरीदारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

दिल्ली-नोएडा की एफआईआर के आधार पर जांच

ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस, नोएडा पुलिस और ईओडब्ल्यू दिल्ली में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 23 जुलाई 2019 के आदेश के अनुपालन में भी की जा रही है, जो आम्रपाली मामले में गृह खरीदारों की याचिकाओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि खरीदारों से बड़ी रकम लेने के बावजूद फ्लैटों का निर्माण पूरा नहीं किया गया और पैसों का अन्य कार्यों में दुरुपयोग किया गया।

कुर्क संपत्तियों में फैक्ट्री और ऑफिस शामिल

ईडी ने मौर्या उद्योग लिमिटेड के कार्यालय, फैक्ट्री की जमीन और भवन को कुर्क किया है। मौर्या उद्योग लिमिटेड, सुरेका समूह की इकाई है, जिसके प्रवर्तक नवनीत सुरेका और अखिल सुरेका हैं। एजेंसी के अनुसार, 30 दिसंबर 2016 तक इन संपत्तियों का बाजार मूल्य करीब 99.26 करोड़ रुपए आंका गया है।

फर्जी लेन-देन और शेल कंपनियों के जरिए पैसा घुमाने का आरोप

ईडी की जांच में आरोप है कि आम्रपाली ग्रुप के निदेशक अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया और अजय कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर खरीदारों के पैसे का दुरुपयोग किया। टीएमटी बार और निर्माण सामग्री की खरीद के नाम पर फर्जी लेन-देन, शेल कंपनियों और नकली सप्लायरों के जरिए पैसा घुमाने, नकद निकासी करने और अपराध से अर्जित आय को छिपाने के आरोप लगाए गए हैं। 
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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