बजट से पहले SBI प्रमुख ने बैंक जमा, शेयर निवेश पर समान कर के लिए कहा

punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 06:05 PM (IST)

मुंबईः भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने शनिवार को शेयर (इक्विटी) निवेश और बैंक जमा से होने वाली कमाई पर एक समान कर व्यवस्था लागू करने की वकालत की। केंद्रीय बजट से एक दिन पहले शेट्टी ने कहा कि दुनिया में अन्य कहीं भी कराधान में इस तरह की असमानता नहीं है और अब समय आ गया है कि भारत भी अन्य बाजारों के अनुरूप चले। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि वित्तीय बचत साधनों के लिए समान अवसर होने चाहिए।" 

शेट्टी ने बताया कि हालांकि वह बजट के प्रावधानों के बारे में नहीं जानते और इस तरह के कदम से राजकोषीय चुनौतियां भी हो सकती हैं लेकिन इक्विटी के लिए किसी "विशेष व्यवहार" की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि एक समय में आसान कराधान के माध्यम से इक्विटी निवेश को प्रोत्साहित करना सही रहा होगा, लेकिन आज जिस तरह से जोखिम भरे इक्विटी बाजार में लोगों की रुचि बढ़ रही है, वहां अब ऐसी विशेष रियायत की जरूरत नहीं है।" 

वर्तमान में बैंक जमा पर रिटर्न करदाता के टैक्स स्लैब के अनुसार लगता है, जो 30 प्रतिशत तक हो सकता है। इसके विपरीत, सूचीबद्ध इक्विटी पर रिटर्न पर रियायती दरें लागू हैं, जिसमें 1.25 लाख रुपये से अधिक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) पर 12.5 प्रतिशत और अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (एसटीसीजी) पर 15-20 प्रतिशत कर लगता है। बैंकर पिछले कुछ समय से इन दोनों वित्तीय साधनों के बीच समानता की मांग कर रहे हैं और जमा राशि जुटाने में आ रही चुनौतियों के कारण अब यह मांग और तेज हो गई है। 

कई बैंकरों का कहना है कि बचतकर्ता अब काफी समझदार हो गए हैं और वे बैंक खातों में केवल न्यूनतम शेष राशि ही रख रहे हैं। वे बेहतर रिटर्न पाने के लिए अतिरिक्त धन को इक्विटी में लगाना पसंद कर रहे हैं। इससे बैंकों के पास ऋण देने के लिए उपलब्ध संसाधनों में कमी आती है और अक्सर उन्हें कर्ज की मांग को पूरा करने के लिए सरकारी बॉन्ड में निवेश का सहारा लेना पड़ता है या मुद्रा बाजारों से उधार लेना पड़ता है।  
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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