अडाणी को मिल सकता है 30,000 करोड़ का जेवर में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट का ठेका

2019-11-01T14:56:02.093

नई दिल्लीः अडाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड (एईएल) को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण और संचालन का कॉन्ट्रेक्ट मिल सकता है। अडाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड उन चार कंपनियों में से एक है जो ग्रेटर नोएडा में बनने वाले 30 हजार करोड़ रुपए के जेवर एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट को हासिल करने की दौड़ में शामिल हैं।

अंतिम चार कंपनियों में अडाणी के अलावा फेयरफेक्स होल्डिंग्स और जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्टचर भी शामिल है। मालूम हो कि इस साल फरवरी में गौतम अडाणी की कंपनी सरकार की तरफ से निजीकरण किए गए छह सरकारी एयरपोर्ट का संचालन प्राप्त करने में सफल रही थी। वर्तमान में अडाणी ग्रुप, जीएमआर और जीवीके समूह के बाद एयरपोर्ट का संचालन करने वाला तीसरा सबसे बड़ा प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर है।

इन चार कंपनियों ने नोए़डा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) की तरफ से निविदा प्रक्रिया के लिए तय की गई टेक्निकल और फाइनेंशियल शर्तों को पूरा किया है। वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड की तरफ से प्रमुख शर्त यह रखी गई है कि जो भी कंपनी प्रति यात्री अधिकतम राजस्व की बोली लगाएगी उसे ही जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का कॉनट्रेक्ट मिलेगा।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तकनीकी बिड खुलने के बाद परियोजना निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति (पीएमआइसी) की मीटिंग होगी। इसमें NIAL की तरफ से बिड में शामिल कंपनियों को निविदा से जुड़ी स्थिति की जानकारी दी जाएगी। इसमें निविदा प्रक्रिया में अंतिम दौर में पहुंचने वाली कंपनियों को डॉक्यूमेंट से जुड़ी कमियां पूरी करने का मौका दिया जा सकता है।

6 नवंबर को तकनीकी निविदा यानी बिड खोली जाएगी। इसमें कंपनियों का पिछले काम के अनुभव और औसत पूंजी का भी आकलन किया जाएगा। राज्य के लिए बड़ी परियोजनाओं पर फैसला लेने के लिए गठित पीएमआइसी की बैठक में भी निविदा में शामिल कंपनियों की जानकारी के बारे में बताया जाएगा।

29 नवंबर को जेवर एयरपोर्ट की फाइनेंशियल बिड खुलेगी। इसमें एयरपोर्ट के निर्माण एवं संचालन के लिए अंतिम रूप से कंपनी का चयन किया जाएगा। फाइनेंशियल बिड में कंपनी के चयन की मुख्य शर्त एयरपोर्ट से प्रति यात्री सरकार को मिलने वाले अधिकतम राजस्व की होगी।


jyoti choudhary

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