क्या 2024 में भी बाइडेन और ट्रम्प के बीच चुनावी दौड़ होगी

punjabkesari.in Tuesday, Nov 29, 2022 - 04:55 AM (IST)

क्या अमरीका में 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रम्प में एक संभावित दौड़ होगी। वर्तमान और पूर्व राष्ट्रपति दोनों ने ही 2 साल पहले ही राष्ट्रपति पद के रिंग में अंतिम रूप में अपने आपको झोंक दिया है। डैमोक्रेट्स और रिपब्लिकन पहले से ही 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। 

हालांकि बाइडेन अलोकप्रिय बने हुए हैं मगर उन्हें अभी भी ट्रम्प से अधिक समर्थन प्राप्त है। एमर्सन कालेज के हालिया सर्वे के अनुसार डैमोक्रेट्स 4 प्रतिशत अंकों के साथ बढ़त बनाए हुए है। हालांकि बाइडेन बनाम ट्रम्प मैच को फिर से करवाने के लिए मतदाताओं की ओर से कोई उत्साह नहीं दिख रहा। हाल के चुनावों के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत अमरीकी नहीं चाहते कि डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाऊस में फिर से लौटें। बाइडेन-ट्रम्प भिड़ंत का मतलब है कि एक महिला राष्ट्रपति की संभावना भी लुप्त हो जाएगी। 

ट्रम्प ने अपनी उम्मीदवारी की फ्लोरिडा में 15 नवम्बर को घोषणा की। अनेकों ही अदालती मामलों और जांचों को झेलने वाले पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प कानूनी चुनौतियों से बचने के लिए व्हाइट हाऊस की चुनौती लेने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने फिर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का अपना इरादा दिखाया जब बाइडेन ने उन्हें 2020 में हराया था। अपने फ्लोरिडा मुख्यालय में उन्होंने कहा कि अमरीका को फिर से महान और गौरवशाली देखने के लिए मैं आज रात अमरीका के राष्ट्रपति के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर रहा हूं। एक नया चेहरा तलाशने की जी.ओ.पी. नेताओं की उम्मीदों को धक्का लगा है। अपने निरंतर समर्थन आधार और अपने श्वेत वर्चस्व वाली अवधारणा के प्रति ट्रम्प आश्वस्त हैं। ट्रम्प व्हाइट हाऊस के लिए एक आसान रास्ता चाहते हैं। 

नवीनतम जनमत सर्वेक्षणों में संकेत मिलता है कि जी.ओ.पी. नामांकन तथा अन्य उम्मीदवारों के लिए ट्रम्प सबसे आगे रहने वाले हैं। चुनावों ने यह भी दर्शाया कि रिपब्लिकन को पंजीकृत मतदाताओं का 55 प्रतिशत समर्थन प्राप्त है। इसके विपरीत उनके संभावित रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डे सैंटिस ने मात्र 25 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन प्राप्त किया। डे सैंटिस ने इसी माह अपना दूसरा 4 वर्षीय कार्यकाल बतौर गवर्नर जीता है। उन्होंने अपना एक ठोस राजनीतिक आधार बनाया है। 

राष्ट्रपति बाइडेन ने चुपचाप तरीके से 20 नवम्बर को अपना 80वां जन्मदिन मनाया। इस महीने मध्यावधि अप्रत्याशित चुनावी नतीजों के बाद बाइडेन उत्साहित नजर आए। अपनी उम्र से विचलित न होते हुए बाइडेन ने एम.एस.एन.बी.सी. को दिए एक साक्षात्कार के दौरान कहा, ‘‘मैंने औपचारिक निर्णय नहीं  लिया है। लेकिन मेरा इरादा फिर से दौडऩे का है और हमारे पास ये निर्णय लेने का समय है।’’

दोनों पार्टियों में और भी 2023 तक दावेदार हैं। कुछ दावेदार वापिस जा सकते हैं। यह प्रतियोगिता और अधिक मजबूत होगी। बाइडेन का स्थान लेने की इच्छुक उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी आकांक्षा रखती हैं। हो सकता है कि बाइडेन कमला को फिर से दोहराएं मगर कमला हैरिस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले। जो बाइडेन के परिवहन सचिव पीट बटिगिएग अभी एक और संभावित उम्मीदवार हैं। यदि निर्वाचित हुए तो वे खुलेतौर पर संभावित पहले समलैंगिक राष्ट्रपति हो सकते हैं। 

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम के पास एक विशाल चुनावी मुहिम रही। उनके पास डैमोक्रेटिक का समर्थन भी रहा है। इस माह के शुरू में गवर्नर ने अपने दूसरे कार्यकाल में प्रवेश किया। 2016 में हिलेरी क्लिंटन के बाद दूसरे नम्बर पर उभरने और फिर 2020 में जो बाइडेन के बाद 2 नम्बर पर रहने वाले बर्नी सेंड्रस ने अभी 2024 के लिए कुछ भी तय नहीं किया है। 
ट्रम्प के उपराष्ट्रपति माइक पेंस भी उनके लिए एक संभावित चुनौती हो सकते हैं। 6 जनवरी, 2021 के कैपिटोल दंगों के बाद माइक ने अपनी वफादारी बदली थी। ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि वह तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से टिकट जुटाते हैं तो पेंस उनके साथ नहीं होंगे। 

एक अन्य संभावित चेहरा निकी हैली हैं जो ट्रम्प के शासनकाल के दौरान संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत रही हैं। हालांकि 6 जनवरी के कैपिटोल दंगों के बाद निकी ने ट्रम्प को अपना दोस्त कहा था। मगर समर्थन के मामले में उन्होंने दोहरी राय रखी है। ऐसी संभावना है कि 2023 के शुरू में वे अपनी आकांक्षा का खुलासा कर सकती हैं। इस माह अपना तीसरा कार्यकाल जीतने वाले रिपब्लिकन टैक्सास के गवर्नर 64 वर्षीय ग्रेग एबट एक अन्य संभावित उम्मीदवार हैं। उन्होंने रुढि़वादी नीतियों को बढ़ावा दिया है। इसके साथ-साथ उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान कोविड-19 वैक्सीन और मास्क को अनिवार्य करने का भी विरोध किया। 

पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी की बेटी लिज चेनी भी संभावित उम्मीदवार हैं। अमरीका में संभावित राष्ट्रपति पद की दौड़ 2 साल से शुरू होती है और ऐसी प्रथा रही है। मगर अंतिम तस्वीर पार्टी कंवैंशन के बाद ही उभर कर सामने आएगी। चुनावी खर्चों के बढऩे के कारण उम्मीदवार थोड़ी धीमी गति से आगे बढ़ेंगे। गन कंट्रोल, अर्थव्यवस्था, गर्भपात, आव्रजन तथा पर्यावरण बदलाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे बाइडेन अपने एजैंडे में शामिल कर सकते हैं। ट्रम्प की जीत का मतलब फिर से ‘ट्रम्पिज्म’ की तरफ लौटना है। यदि बाइडेन और ट्रम्प चुनाव नहीं लड़ते तो एक नए चेहरे की उम्मीद बनकर सामने आएगी जो 2024 में व्हाइट हाऊस में निश्चित तौर पर प्रवेश करेगी।-कल्याणी शंकर
 


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