ईरान युद्ध के कारण यूक्रेन को आवश्यक आपूर्ति की कमी होने से रूस को बड़ा फायदा

punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 05:27 AM (IST)

दशकों में होने वाले सबसे बड़े अमरीकी सैन्य टकराव के शुरुआती दिनों में रूस सबसे बड़े विजेताओं में से एक है, क्योंकि ईरानी मिसाइलों ने यूक्रेन के पैट्रियट इंटरसैप्टर के भंडार को कम कर दिया है, जिनकी यूक्रेन को अपनी रक्षा के लिए आवश्यकता है। ईरान अभियान से पहले भी, अमरीका में निर्मित पैट्रियट प्रणाली के उत्पादन में आई बाधाओं ने यूक्रेन के भंडार को खत्म कर दिया था और यूरोपीय सहयोगियों को वर्षों तक प्रतीक्षा सूची में डाल दिया था। इन कमियों ने रूस को यूक्रेन की हवाई सुरक्षा में सेंध लगाने का मौका दिया, जिससे उसकी बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई और यूक्रेनी शहरों में बिजली गुल हो गई।

ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम करने के लिए अमरीका और खाड़ी देशों ने युद्ध के शुरुआती दिनों में सैंकड़ों इंटरसैप्टर मिसाइलें दागी हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि लगातार हमले की स्थिति में खाड़ी देशों के पास केवल कुछ दिनों तक चलने लायक इंटरसैप्टर मिसाइलें बची हैं, जिससे वाशिंगटन को ङ्क्षहद-प्रशांत और अन्य क्षेत्रीय भंडारों से मिसाइलें मंगवानी पड़ सकती हैं, जिससे उनकी क्षमता कमजोर हो जाएगी। इंटरसैप्टर, पी.ए.सी.-3 का 2025 तक अमरीका में कुल उत्पादन मात्र 600 से थोड़ा अधिक था। एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट करने के लिए आमतौर पर कम से कम 2 पैट्रियट इंटरसैप्टर की आवश्यकता होती है और यदि पहला जोड़ा विफल हो जाता है, तो अक्सर तीसरे या अधिक इंटरसैप्टर का उपयोग किया जाता है। एक बहु-मिलियन डॉलर के इंटरसैप्टर का उत्पादन सीमित है और इसमें महीनों लग सकते हैं, जिसके पुर्जे पूरे अमरीका से और स्पेन जैसे दूर-दराज के देशों से आते हैं।

‘‘हमारे लिए यह जीवन का सवाल है।’’ व्लोदिमीर जेलेंस्की ने मध्यस्थों के बारे में कहा। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि उन्होंने यूक्रेन को हथियार आपूर्ति करने वाले यूरोपीय सांझेदारों से संपर्क किया था, ताकि यह पूछा जा सके कि क्या ईरान संघर्ष से आपूॢत में और बाधा आएगी। यूक्रेन के लिए सबसे बड़ा खतरा रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमले हैं और इसका एकमात्र समाधान पैट्रियट प्रणाली है, यह बात यूक्रेन की वायु सेना के उप प्रमुख कर्नल पावलो येलीजारोव ने कही। यूक्रेनी और पश्चिमी खुफिया एजैंसियों के अनुसार, रूस अब प्रति माह लगभग 80 बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन करने में सक्षम है। यूक्रेन की वायु सेना का अनुमान है कि उसे कम से कम 60 पी.ए.सी.-3 मिसाइलों की आवश्यकता है।

रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए हर महीने इंटरसैप्टर मिसाइलों की आवश्यकता होती है। फरवरी में, जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने अपने यूक्रेनी समकक्ष फेडोरोव की भावुक अपील के बाद, यूरोपीय नाटो सांझेदारों से इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए मिसाइलें दान करने का आग्रह किया। नाटो के भंडार कितने कम हो गए हैं, इसका संकेत यह है कि इनमें से केवल 5 मिसाइलों का ही जर्मनी द्वारा निश्चित रूप से वादा किया गया है।  रूस द्वारा प्रतिदिन सैंकड़ों शाहेद-प्रकार के किलर ड्रोन भी दागे जा रहे हैं, जिन्हें सर्वप्रथम ईरान में विकसित किया गया था और मॉस्को तेहरान के साथ 2023 के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के बाद इनका बड़े पैमाने पर उत्पादन करने में सक्षम है।पैट्रियट मिसाइल पश्चिमी वायु रक्षा प्रणालियों का स्वर्णिम मानक साबित हुई। यह परिष्कृत प्रणाली एक विशाल क्षेत्र में फैली होने के कारण शत्रुओं के लिए नष्ट करनी कठिन है। यूक्रेनी ऑप्रेटरों ने रूसी हाइपरसोनिक मिसाइलों को मार गिराने के लिए पैट्रियट मिसाइलों का उपयोग किया है, विशेष रूप से जब वे नीचे उतरते समय धीमी हो जाती हैं। इससे रक्षा विश्लेषक आश्चर्यचकित रह गए, क्योंकि उन्हें नहीं लगता था कि पैट्रियट मिसाइल ऐसी मिसाइलों को रोक पाएगी।

पैट्रियट की भारी मांग के बावजूद, उत्पादन में मामूली वृद्धि हुई है। इस प्रणाली का उत्पादन रे थियोन द्वारा किया जाता है, जबकि इंटरसैप्टर लॉकहीड माॢटन द्वारा निर्मित किए जाते हैं, जिससे कंपनी का उत्पादन बढ़कर सालाना लगभग 600 मिसाइलों तक पहुंच गया है। लॉकहीड ने कहा कि वह 2030 के अंत तक इन इंटरसैप्टर मिसाइलों का वाॢषक उत्पादन बढ़ाकर 2,000 तक करने के लिए काम कर रही है। कंपनी ने कहा कि वह कुछ कमजोर प्रदर्शन करने वाले आपूर्तिकत्र्ताओं से पुर्जे मंगवाना बंद कर सकती है या वैकल्पिक कंपनियों की तलाश कर सकती है, जो मिसाइल बनाने के लिए आवश्यक जटिल मशीनरी का उत्पादन कर सकें। यह मिसाइल सैंकड़ों मील प्रति घंटे की रफ्तार से आने वाले प्रक्षेपास्त्र का पीछा करके उसे निष्क्रिय कर सकती है। रक्षा विश्लेषक इस तकनीकी उपलब्धि की तुलना गोली दागने से करते हैं। 
जर्मनी, जो यूक्रेन का सबसे बड़ा यूरोपीय समर्थक है, ने 2024 में लगभग 2 बिलियन यूरो प्रति सिस्टम (2.33 बिलियन डॉलर के बराबर) की लागत से 8 नए पैट्रियट सिस्टम का ऑर्डर दिया था लेकिन जर्मन अधिकारियों का कहना है कि उसे अभी तक डिलीवरी की अस्थायी तारीख भी नहीं मिली है। अब तक यूक्रेन ने रूसी खतरे को बेअसर किए बिना अपने रक्षात्मक शस्त्रागार का लगभग पूरा उपयोग कर लिया है।-बोजन पैंसेव्स्की, ड्रू हिंशॉ
 


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