भाजपा के गढ़ इंदौर में होगी ‘छात्रों की गूंज’

punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 04:28 AM (IST)

कांग्रेस का युवा आऊटरीच कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ मध्य प्रदेश के शिक्षा केंद्र, जो कि एक और भाजपा का गढ़ है, को लक्षित करने के लिए तैयार है। लेकिन इंदौर में होने वाला यह कार्यक्रम एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है, क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार ने कांग्रेस को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी, जिससे विपक्ष को मोहन यादव सरकार के साथ एक नया राजनीतिक मुद्दा मिल गया है। यह कार्यक्रम, जो 12 सितंबर को निर्धारित था, अब 19 सितंबर को उस स्थान पर होगा जिसे कांग्रेस ने अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया है। बुधवार को, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घोषणा की कि तैयारियों की समीक्षा के बाद कार्यक्रम को स्थगित किया जा रहा है। 

कांग्रेस देश भर के शहरों में चलाए जा रहे छात्र संवाद अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के लिए इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से 50,000 छात्रों को जुटाने की कोशिश कर रही है। इस अभियान के माध्यम से, विपक्षी दल परीक्षा पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भाजपा को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। पिछले तीन महीनों में, पार्टी ने कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में यह कार्यक्रम आयोजित किया है।

मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर व्यापक कार्यक्रम : भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने - पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और फिर प्रधानमंत्री के रूप में-को  चिह्नित करने के लिए गतिविधियों और सार्वजनिक जुड़ाव के एक व्यापक  कार्यक्रम को शुरू करने का कदम उठाया है। ‘आशीर्वाद का दीया’ नाम से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम 17 सितंबर से शुरू होगा और देश भर में केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को कवर करेगा। 

भाजपा के विभिन्न मोर्चे विशिष्ट लाभार्थी समूहों पर जोर देंगे। किसान मोर्चा किसानों और पीएम-किसान, किसान के्रडिट कार्ड, पीएम फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पीएम-कुसुम जैसी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचेगा। महिला मोर्चा महिला स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं और उज्ज्वला तथा पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को शामिल करेगा। युवा मोर्चा  छात्रों, स्टार्टअप संस्थापकों, कुशल युवाओं और मुद्रा, स्टार्टअप इंडिया, कौशल विकास, पीएम इंटर्नशिप, खेलो इंडिया और छात्रवृत्ति योजनाओं  के लाभार्थियों तक पहुंचेगा।

बसपा अपने दम पर चुनाव लड़ेगी: मायावती : बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद पर कार्रवाई करते हुए उन्हें राष्ट्रीय समन्वयक के पद से हटा दिया है। आकाश को गुरुवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी आमंत्रित नहीं किया गया था। बसपा प्रमुख ने कहा, ‘मैंने आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति दी है, जो आप सभी के सामने है, लेकिन उन्हें अभी और अधिक परिपक्व होने की आवश्यकता है। तब तक, उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।’ इस बीच मायावती ने लखनऊ में पार्टी कार्यालय में बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता की। 

बैठक में, उन्होंने अगले साल की शुरूआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब सहित पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की चल रही तैयारियों की गहन समीक्षा की। मायावती ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी देश भर में सभी चुनाव, चाहे वे बड़े हों या छोटे, अपने दम पर लड़ेगी। मायावती ने कांग्रेस को ‘कट्टर दलित विरोधी और अंबेडकर विरोधी’ करार दिया और आरोप लगाया कि विपक्षी दल दलितों और बहुजन समाज के अन्य वर्गों को ‘गुमराह और भ्रमित’ करने में लगे हुए हैं।

युवाओं की आवाज दबाना महंगा पड़ेगा : गांधी : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार के उन छात्रों और युवाओं के साथ बातचीत की, जो परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई में घायल हो गए थे और सवाल किया कि पारदर्शी भर्ती प्रणाली की मांग करने वाले  लोगों को लाठियों और गोलियों का सामना क्यों करना पड़ा। सोशल मीडिया  प्लेटफॉर्म  ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, राहुल गांधी ने कहा, ‘पुलिस की लाठियों के  साथ- साथ ए.के.-47 और पिस्तौल से चली गोलियों ने कई छात्रों को घायल कर दिया। 

‘उन्होंने दावा किया कि सेना में शामिल होने का सपना देख रहे एक युवक के पैर में ए.के.-47 की गोली लगी, जिससे देश की सेवा करने का उसका ‘जीवन भर का सपना’ टूट गया। उन्होंने भाजपा को एक राजनीतिक चेतावनी भी दी और कहा कि जो सरकारें युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश करती हैं, उन्हें अंतत: मतदाताओं को जवाब देना पड़ता है। यह बातचीत ‘छात्रों की गूंज’ के तहत भारत भर में गांधी द्वारा किए जा रहे व्यापक छात्र आऊटरीच का हिस्सा है। बिहार की इस घटना ने गांधी को परीक्षा में अनियमितताओं के मुद्दे को उनके व्यापक राजनीतिक तर्क से जोडऩे का अवसर भी दिया है कि शिक्षा, रोजगार और समान अवसर चाहने वाले युवाओं को उचित मौका नहीं दिया जा रहा है।-राहिल नौरा चोपड़ा


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