राहुल का ‘दिल्ली मार्च’ में शामिल होने का आह्वान

punjabkesari.in Saturday, Oct 31, 2026 - 05:28 AM (IST)

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने के इच्छुक लोगों से 1 नवम्बर को ‘चलो दिल्ली रामलीला मार्च’ में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को बचाने, वोटों की चोरी रोकने और संविधान की रक्षा करने का एक आंदोलन बताया। ‘एक्स’ पर एक वीडियो में, राहुल गांधी ने कहा कि यह देश के लिए एक अनूठा विरोध प्रदर्शन है। राहुल ने कहा, ‘‘चलो दिल्ली’ रामलीला मार्च लोकतंत्र को बचाने, वोटों की चोरी पर रोक लगाने और संविधान की रक्षा करने का मार्च है।’’ 

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का मार्च नहीं, यह भारत की मूल आत्मा के लिए एक मार्च है। उन्होंने राजनीतिक संबद्धता से परे सभी छात्र समूहों से भी विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया। इंडिया गठबंधन के दल 1 नवम्बर की रैली के लिए 1 लाख से अधिक लोगों को जुटाने की योजना बना रहे हैं, जिससे उन्हें ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर दबाव बढऩे की उम्मीद है। लेकिन बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि रामलीला मैदान की रैली में कितनी भीड़ जुटती है। 

सपा का चुनाव प्रबंधन : उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों के हालिया परिणामों ने समाजवादी पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों और चुनाव प्रबंधन को रेखांकित किया है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीटों के चुनावों में भाजपा ने कुल 6 सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने पांच। भाजपा को वाराणसी, लखनऊ, झांसी और आगरा क्षेत्र के अपने गढ़ों में झटका लगा है। समाजवादी पार्टी ने वाराणसी शिक्षक एम.एल.सी. सीट और वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र दोनों पर अपना कब्जा बरकरार रखा। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। सपा ने लखनऊ स्नातक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी जीते। इस बीच, भाजपा ने अपनी अधिकांश प्रमुख सीटें बरकरार रखीं, वहीं सपा ने अपनी संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर दी, जिससे पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को इन परिणामों को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के लिए पार्टी की बढ़ती चुनौती के संकेत के रूप में रेखांकित करने का अवसर मिल गया।

महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति गठबंधन को झटका : महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवाॢषक चुनावों में भाजपा नीत महायुति गठबंधन को झटका लगा है और उसने 5 में से 2 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने 3 सीटें हासिल कीं। नागपुर में भाजपा को एक राजनीतिक झटका लगा, जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर तथा आर.एस.एस. का मुख्यालय है। वहां कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराया और नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर अपना कब्जा बरकरार रखा। इस बीच, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में एम.एल.सी. चुनावों में विपक्षी दल के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अनुमान लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं’ वाले ताने पर पलटवार किया। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘प्रधानमंत्री को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है लेकिन इसकी बजाय वह दूसरों को उपदेश दे रहे हैं! कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले, काश वह इस बात पर भी विचार करते कि भाजपा ने अपने ही संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में दोनों सीटें क्यों खो दीं और कांग्रेस आर.एस.एस. के गढ़ नागपुर में भाजपा को हराने में कैसे सफल रही?’’ 

सोनिया अपनी आत्मकथा को लेकर बोलीं : कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि उनकी आगामी आत्मकथा ‘बिलोंगिंग’ से सार्वजनिक हंगामा मचने की संभावना है, क्योंकि लोगों की उनके बारे में अपनी-अपनी राय है। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘‘जब यह किताब आएगी तो तमाशा होना तय है। आखिर, दूसरों ने दशकों तक मेरी ‘कहानी’ बताई है, अब मेरी बारी है।’’ उन्होंने कहा कि उनके बारे में बहुत कुछ ऐसा लिखा गया है, जो या तो गढ़ा हुआ था या बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था। ‘‘इसलिए, इससे मुझे यह महसूस हुआ कि अब मैं अपनी कहानी लिख सकती हूं और तथ्यों तथा चीजों को वैसे ही बयां कर सकती हूं, जैसी वे वास्तव में थीं...।’’ 

आजम खान को लेकर तकरार : साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मुहाने पर खड़े होने के साथ ही, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की रामपुर जिला जेल में पार्टी नेता आजम खान से मुलाकात की, जिससे भाजपा के साथ राजनीतिक टकराव शुरू हो गया। दूसरी ओर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर खान को राज्य का गृह मंत्री बनाने की योजना बना रही है। तावड़े ने खान पर अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और दावा किया कि ऐसी स्थिति राज्य के विकास को पटरी से उतार देगी। वहीं, अखिलेश ने भाजपा सरकार पर खान और उनके परिवार के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए हैं।-राहिल नोरा चोपड़ा
 


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