‘जाली करंसी का धंधा जोरों पर’ देश की अर्थव्यवस्था को लग रहा धक्का!
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 02:26 AM (IST)
11 अगस्त, 2025 को वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 500 रुपए मूल्य के नए डिजाइन वाले 1,17,722 (सर्वाधिक) नकली नोट पकड़े गए। इनके अलावा 100 रुपए मूल्य वाले 51,069 और 200 रुपए मू्ल्य वाले 32,660 नकली नोट पकड़े गए। उल्लेखनीय है कि देश में लगातार फैलते जा रहे नकली नोटों के धंधेबाजों के ‘नैक्सस’ (संगठित गिरोह) देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। बैंकों में बड़ी संख्या में नकली नोट पहुंच रहे हैं तथा पिछले मात्र 2 महीनों में भारत के विभिन्न हिस्सों में जाली नोट पकड़े जाने की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 3 जनवरी, 2026 को दिल्ली पुलिस में 18 सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने शिकायत दर्ज करवाई कि उनके यहां लगभग 34 लाख रुपए मूल्य के 11,000 से अधिक नकली करंसी नोट पिछले कुछ समय के दौरान जमा किए गए हैं।
* 15 जनवरी, 2026 को ‘कोलकाता’ (पश्चिम बंगाल) में एस.टी.एफ. ने ‘पाटुली’ इलाके से 3 आरोपियों को गिरफ्तार करके जाली नोट बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। उस पर छापेमारी में कलर पिं्रटर व सुरक्षा फीचर्स की नकल करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष पैन बरामद हुए।
* 29 जनवरी, 2026 को ‘चुराईबाड़ी गेट’ (उत्तरी त्रिपुरा) में एक दुकान के बाहर से लगभग 25,000 रुपए मूल्य के 200 रुपए वाले जाली नोट बरामद करके पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया।
* 3 फरवरी, 2026 को ‘मालदा’ जिले (पश्चिम बंगाल) में 5 लाख रुपए के जाली नोटों के साथ पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया।
* 5 फरवरी को ‘कृष्णा’ जिला (आंध्र प्रदेश) में पुलिस ने जाली नोटों के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करके 6 लाख रुपए के विभिन्न मूल्यों वाले नकली नोटों के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया।
* 11 फरवरी, 2026 को ‘राजसमंद’ (राजस्थान) में अधिकारियों ने नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करके 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 500, 200 तथा 50 रुपए मूल्य वाले नोटों के रूप में 80,000 रुपए की नकली करंसी जब्त करने के अलावा नोट में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री बरामद की।
* 23 फरवरी, 2026 को ‘वडोदरा’ (गुजरात) के ‘असोज’ गांव में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गिरोह के 2 सदस्यों ‘नरेंद्र पाल’ तथा ‘हेमंत जांगिड़’ को गिरफ्तार करके उनके पास से 500-500 रुपए वाले तथा 200-200 रुपए के मूल्य वाले हजारों रुपयों के नकली नोटों के अलावा प्रिंटर तथा 2 लैपटाप जब्त किए। आरोपी तैयार किए गए जाली नोटों को भीड़भाड़ वाले बाजारों में चलाते थे।
* 25 फरवरी, 2026 को ‘बुलंदशहर’ (उत्तर प्रदेश) में पुलिस ने एक मकान में कलर प्रिंटर से 500-500 रुपए मूल्य वाले जाली नोट छाप कर ग्रामीण इलाकों के बाजारों में खपाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करके 3 आरोपियों ‘भूपेंद्र यादव’, ‘राकेश यादव’ और ‘कुंवरपाल’ को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने इनके पास से 12,000 रुपए के नकली नोट, आधे छपे नोट, मोटरसाइकिल और प्रिंटर बरामद किया। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह किसी बैंक से लिया हुआ 50 लाख रुपयों का लोन भी नकली नोटों से ही चुकाने की योजना बना रहा था। जहां देश के बैंकों में बड़ी संख्या में नकली नोट जमा हो रहे हैं, वहीं, उक्त उदाहरणों से स्पष्टï है कि देश की अर्थव्यवस्था को खोखला बनाने वाला यह ‘काला कारोबार’ देश में किस कदर तेजी पकड़ता जा रहा है। चूंकि नकली करंसी चलाना किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर उसकी जडं़े खोदने जैसा है, अत: इनकी छपाई या सप्लाई से जुड़े लोगों के विरुद्ध देशद्रोह के आरोप में कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही देश में लेन-देन के लिए ‘नैट बैंकिंग’ को बढ़ावा देने और लोगों को नकली नोटों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी तुरंत जरूरत है।—विजय कुमार
