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‘कोरोना के युद्ध में कटते हाथ और गुंडागर्दी...’

2020-04-14T03:41:03.057

कोरोना महामारी से लड़ते जहां पूरे देश में डॉक्टरों, पुलिस, नर्सों व सफाई कर्मचारियों को सलाम किया जा रहा है तो वहीं कल पटियाला में घटी घटना से पूरा देश शर्मसार है। जहां पुलिस लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात खुद सड़कों पर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में खड़ी है और कोरोना के खिलाफ युद्ध लड़ रही है तो कुछ कुंठित मानसिकता के लोग इन्हीं कर्मवीर योद्धाओं के हाथ तलवारों से काट रहे हैं। 

आज देश में कोरोना की लड़ाई के मैदान में सबसे आगे खड़े होकर स्वास्थ्य कर्मी व पुलिस वाले अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ रहे हैं, लेकिन इन्हीं योद्धाओं पर थूका जा रहा है, इनके हाथ काटे जा रहे हैं जोकि बहुत ही ङ्क्षनदनीय कार्य है। अगर देश में ऐसी घटनाएं घटती रहीं तो कोरोना की इस लड़ाई से कैसे जीता जाएगा? देखने को मिल रहा है कि आज देश सेवा में लगे डॉक्टर्स में भी इंफैक्शन की समस्या बढ़ रही है लेकिन तब भी वे बिना किसी परवाह के लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे रहे हैं, पीछे नहीं हट रहे। अपने छोटे दूध पीते बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। 

जिस प्रकार सरकार लोगों की स्वास्थ्य रक्षा की बात कर रही है उसी प्रकार इनका जीवन व परिवार भी अनमोल है। इनकी रक्षा भी पहले सुनिश्चित की जाए तथा जो ये कुंठित मानसिकता के लोग इन पर अत्याचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ केन्द्र व राज्य सरकारों को गंभीरता से पेश आने की आवश्यकता है तथा गुडांगर्दी का नंगा नाच करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि कोरोना की लड़ाई में लगे योद्धा खुद को सुरक्षित समझें, अन्यथा इन योद्धाओं  का मनोबल गिर जाएगा, अगर ऐसा हुआ तो देश को इस संकट की घड़ी से कौन बाहर निकालेगा? यह बहुत बड़ा सवाल देश के सामने खड़ा हो जाता है। इसलिए सरकार को इन योद्धाओं की स्वास्थ्य रक्षा के विषय में भी महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे तथा गुंडागर्दी करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाना होगा। 

ये लोग भारत में ऐसी अमानवीय घटनाओं को अंजाम देकर स्वयं तो खतरे में पड़ ही रहे हैं, साथ में अपने परिवार व पूरे देश को भी खतरे में डाल रहे हैं, अगर ऐसी मानसिकता वाले लोग नहीं सुधरे तो स्थिति बदलते समय नहीं लगेगा। इसके अलावा दिल्ली की जमात से भी देश में भय की स्थिति बनी हुई है। राज्य सरकारों व जिला प्रशासन द्वारा लगातार अपीलें की जा रही हैं कि जो भी लोग जमात में शामिल हुए थे कृपया अपनी जानकारी दे दें ताकि उनके सम्पर्क में आए अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके। लेकिन ये विशेष समुदाय के लोग अपनी पहचान छुपाकर किसी और को नहीं बल्कि स्वयं अपने परिवार व देश को धोखा दे रहे हैं। ये लोग देश का हित नहीं चाहते। वर्तमान स्थिति तो ऐसी है कि प्रत्येक समुदाय, संस्था, संगठन व राजनीतिक दलों का यह कत्र्तव्य बनता है कि वे कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए हरसम्भव सहयोग सरकार को दें। 

कुछ संगठन व लोग सहयोग दे रहे हैं लेकिन बीच में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो सहयोग देने की बात तो छोड़ो जो लोग राष्ट्र सेवा व अपने कार्यों में लगे हैं उनके मार्ग में बाधा बने हुए हैं, सेवाएं दे रहे पुलिस कर्मियों को रास्ता रोक कर पीट रहे हैं, जांच करने जा रहे डॉक्टरों को पीटा जा रहा है, भगवान समान इन डॉक्टरों पर थूका जा रहा है जोकि ऐसे लोगों की अमानवीय मानसिकता को स्पष्ट करता है। स्थिति बिगड़ी तो भारत में इटली, अमरीका जैसे हालात बन जाएंगे इसलिए सभी देशवासियों को सोच-समझ कर एक-एक कदम रखना होगा। इस समय प्रत्येक देशवासी का यह कत्र्तव्य बनता है कि वह सरकार, प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करे तथा एक नई सुबह का इंतजार करे, इसके अलावा लोगों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।-प्रो. मनोज डोगरा
 


Pardeep

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