दमदार कद-काठी …पर मैजेस्टर के लिए भरोसा असली चुनौती

punjabkesari.in Friday, May 08, 2026 - 11:47 AM (IST)

पीयूष पंजाबी: जब कभी भी बड़ी एसयूवी की बात होती है, सबसे पहले ज़ेहन में टोयोटा फॉर्च्यूनर का ख्याल आता है। वर्षों से ये एसयूवी लोगों के दिलो-दिमाग में जगह बनाए बैठी है। सबसे अहम है भरोसा, जो टोयोटा और उनकी गाड़ियों पर हमेशा से रहा है। लोग इन्हें सिर्फ चलाने के लिए नहीं खरीदते, बल्कि इस सोच के साथ लेते हैं कि ये वर्षों तक साथ निभाएगी, अच्छा रिटर्न देगी और कभी धोखा नहीं देगी। खैर, अब यही भरोसा जीतने के लिए एमजी मोटर इंडिया ने मैजेस्टर मैदान में उतारी है। एक ऐसी एसयूवी, जिसने पूरे बाज़ार को सोचने पर मजबूर किया है। …और कहना पड़ेगा, इस बार एमजी मोटर इंडिया पूरी तैयारी के साथ किला भेदने उतरा है। वही क़िला, जिसकी दीवारें भरोसे की बुनियाद पर टिकी हैं और जिस पर टोयोटा की फॉर्च्यूनर राज करती है।

खैर, पहली नज़र में ही मैजेस्टर समझा देती है कि वह कद में सबसे बड़ी है और पूरा दमख़म रखती है। धीरे-धीरे ही सही पर रफ़्तार पकड़ते ही जैसे कहती हो “रास्ता दो।” फ्रंट अग्रेसिव है बड़ी ग्रिल, स्लिम डीआरएल्स और भारी-भरकम बॉडी। अंदर बैठो तो पूरा खेल बदल जाता है। ऐसा लगता है जैसे आप एसयूवी में नहीं, किसी प्रीमियम लाउंज में हों। प्रीमियम केबिन, सीट्स पर मसाज, वेंटिलेशन, पैनोरमिक सनरूफ, कंफर्ट और भी काफी कुछ। एमजी ने फीचर्स डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

स्पेस के मामले में भी मैजेस्टर आगे निकलती है। सेकंड रो आरामदायक है और थर्ड रो भी बेहतर है। अच्छा बूट स्पेस और सीट्स फोल्ड करने की आज़ादी इसे प्रैक्टिकल बनाते हैं। मैजेस्टर में 2.0 लीटर का ट्विन-टर्बो डीज़ल इंजन है, जो ताकत तो देता है, लेकिन शुरुआत में थोड़ा सोचता है। मतलब, ऐसा नहीं है कि एक्सेलरेटर दबाते ही गाड़ी दहाड़ मारे। यह एक-दो सेकंड लेती है और फिर उठती है। सड़क पर यह आराम देती है खराब रास्तों को जैसे खा ही जाती हो… जैसे कुछ हुआ ही नहीं। लेकिन थोड़ा सा बॉडी रोल आता है, जो मोड़ पर आपको याद दिलाता है कि आप एक बहुत बड़ी गाड़ी चला रहे हैं। एक डी सेगमेंट की गाड़ी।

जब आप इसे लेकर ऑफ-रोड उतरते हैं, तब समझ आता है कि वाक़ई इसमें दम है। ट्रिपल डिफरेंशियल लॉक्स, अलग-अलग टेरेन मोड्स और क्रॉल कंट्रोल इसे एक असली ऑफ-रोड मशीन बनाते हैं। इस सेगमेंट की दूसरी कोई गाड़ी इतने सारे फीचर्स ऑफर नहीं करती। अच्छा खासा ग्राउंड क्लीयरेंस, 810 एमएम की वाटर वेडिंग कैपेसिटी, अच्छा अप्रोच और डिपार्चर एंगल ऑफ-रोडिंग को बेहद आसान बना देता है।

सच कहें तो मैजेस्टर, फॉर्च्यूनर से एक कदम आगे नज़र आती है। कीमत की बात करें तो यह करीब ₹40-50 लाख के बीच हो सकती है यानी सीधी टक्कर फॉर्च्यूनर से। यहीं से असली लड़ाई शुरू होती है। मैजेस्टर कहती है, “मेरे पास फीचर्स हैं, स्पेस है, टेक्नोलॉजी है।” वहीं फार्च्यूनर कहती है… “मेरे पास भरोसा है।”

…और सच यही है कि लोग आज भी भरोसे पर पैसा लगाते हैं। मैजेस्टर का असली इम्तिहान भी यही है, भरोसा जीतना। यह मुमकिन है, क्योंकि गाड़ी में दम तो है। बस क़ीमत बहुत ज़्यादा ना हो और लॉन्च के साथ कुछ ऐसे ऑफर हों, जो ग्राहक का भरोसा डगमगाने न दें। उम्मीद है कि मैजेस्टर इस कसौटी पर खरी उतरेगी और बाज़ार में अपनी जगह बनाए।

तो अगर आप वो इंसान हैं जिसे कुछ नया पसंद हैं, फीचर-लोडेड गाड़ी चाहिए और थोड़ा अलग दिखना है। लद्दाख और स्पीति जैसे ट्रिप्स प्लान करने हैं, ऑफ-बीट लोकेशंस तक गाड़ी लेकर जाना है तो मैजेस्टर एक स्ट्रॉन्ग ऑप्शन है। आपको भरोसा करना होगा, तभी तो भरोसा बनेगा। और अगर आप फॉर्च्यूनर लेने का सोच रहे हैं, तो एक बार मैजेस्टर की टेस्ट ड्राइव ज़रूर लें तभी आप बेहतर समझ पाएंगे।

 


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News Editor

Radhika

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