6 राज्यों में गहराया जल संकट, केंद्र ने एडवाइजरी जारी कर दिए दिशा-निर्देश

नेशनल डेस्कः देश में गर्मी बढ़ने के साथ ही जल संकट गहराना शुरू हो गया है। देश के छह राज्यों में पानी संकट गहरा गया है। इन छह राज्यों में बांधों में पानी गंभीर स्तर पर नीचे पहुंच गया है। जल संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने इन छह राज्यों में एडवाइजरी जारी की है। केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मानसून आने तक पानी के इस्तेमाल में थोड़ी एहतियात बरतें। केंद्र ने कहा कि मानसून आने तक इन छह राज्यों को जल संकट झेलना पड़ेगा।


इन 6 राज्यों में जल संकट
केंद्र ने ड्राउट एडवाइजरी यानी सूखे को लेकर जिन 6 राज्यों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं वो- महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु हैं। इन राज्यों के बांधों में पानी गंभीर स्तर तक नीचे पहुंच गया है। आने वाले समय में यहां जल संकट और गहरा सकता है। सेंट्रल वाटर कमीशन के सदस्य एस के हलदर के मुताबिक ड्राउट एडवाइजरी उस वक्त जारी की जाती है जब जलाशयों में पानी का स्तर पिछले दस सालों के औसत से 20 फीसदी नीचे चला जाता है।

बांधों में पानी की स्थिति

  • गुजरात और महाराष्ट्र के 27 जलाशयों में पानी और भी ज्यादा गंभीर स्तर तक पहुंच गया है। इन राज्यों में जलाशयों की क्षमता 31.26 बीसीएम है लेकिन मई में ही इनमें पानी का स्तर 4.10 बीसीएम पहुंच गया। यानि कि जलाशयों की कुल क्षमता का मात्र 13 फीसदी ही पानी बचा है। पिछले साल के मुकाबले यह काफी कम है। पिछले साल इन्हीं दिनों जलाशयों में कुल पानी का 18 फीसदी जल मौजूद था।
  • तेलंगाना में 2 जलाशय, आंध्र प्रदेश में 1, कर्नाटक में 14, केरल में 6 और तमिलनाडु में भी 6 जलाशय हैं। इन जलाशयों की साझा जल संचयन क्षमता 51.59 बीसीएम है लेकिन इनमें अब 6.86 फीसदी पानी ही बचा है। यानी कि कुल जल संचयन क्षमता का महज 13 फीसदी पानी यहां के जलाशयों में बचा है।
  • सेंट्रल वाटर कमीशन के मुताबिक देश में 91 जलाशयों में कुल जल क्षमता का केवल 22 फीसदी पानी ही बचा है। इन जलाशयों की जल संचयन क्षमता 161.993 बिलियन क्यूबिक मीट्रस (बीसीएम) है।

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