सिर्फ कुत्तों की भाषा समझती है ये बच्ची, इंसानी दुनियां से है बेहद दूर(pics)

इंटरनैशनल डेस्कः यूक्रेन की ओक्साना जब 3 साल की थीं, तब उनके शराबी मां-बाप ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था। दोनों पति-पत्नी इतने नशे में धुत रहते कि वे भूल गए कि उनकी बेटी भी है। ऐसे में ओक्साना ने कई साल अपने डॉग्स के साथ बिता दिए। यहां उनके दो डॉग्स ने उन्हें ऐसे पाला जैसे वो अपने बच्चों को पालते हैं।


डॉग्स से मिली परवरिश और उन्हें देख-देखकर ओक्साना भी उन्हीं की तरह चीजें सीख गई, वो हाथ और पैर के जरिए चला करती, कच्चा मांस खाती और बोलने की जगह डॅाग्स की तरह आवाज निकालती थी। कुछ समय बाद पड़ोसियों ने लड़की को उस हाल में देखकर पुलिस में शिकायत कर दी।

इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन बच्ची को लेने पहुंची। जैसे ही उन्होंने बच्चे को लेजाने की कोशिश की तो दोनों डॉग्स बेहद आक्रामक हो गए। बढ़ी मुश्किलों के बाद डॉग्स को लालच देकर ओक्साना को वहां से निकाला गया।

इसके बाद टीम बच्ची को लेकर अनाथालय पहुंचे। ओक्साना जैसे-जैसे बड़ी हुई उसे वापस इंसानी दुनिया में आने में तकलीफ होने लगी। वो बचपन में सीखी गई डॉग्स की तरह आदतें नहीं छोड़ पा रही थी। वो डॉग्स की तरह चलती, वैसे ही उछलती और जीभ निकालकर भोंकती। वो इस कदर भोंकने की आवाज निकालती थी, जैसे कोई असली डॉग हो।इसके बाद ब्रिटेन के जानेमाने मनोवैज्ञानिक लिन फ्राइ की मदद से उनका ट्रीटमेंट शुरू हुआ।

बचपन में पेरेंट्स के तिरस्कार की वजह से ओक्साना उनकी भाषा नहीं सीख पाई थी, इसी वजह से उन्हें समझाना और सिखाना बेहद कठिन था। हालांकि, डॉ. लिन ने बताया कि उनका दिमाग बाकी बच्चों के मुकाबले काफी तेज था। वे ऐसी चीजें भी समझ जाती थीं, जिन्हें बच्चों को समझाना नामुमकिन होता था।धीरे-धीरे ट्रीटमेंट के जरिए ओक्साना इंसानों की तरह बिहेव करने लगी। वे आम बोलचाल की भाषा सीख गई पर फिर भी कुछ समस्याएं थीं।

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