आजादी के 71 साल बाद भी इस गांव के लोग भुगत रहे काले पानी जैसी सजा, जानिए क्यों

ऊना (अमित): आजादी के 71 साल बीत जाने के बाद भी ऊना की ग्राम पंचायत चताड़ा का गांव पलगोट आजदिन तक भी सड़क सुविधा से महरूम है। आजादी के बाद से अब तक कई सरकारें आईं व गईं लेकिन इस गांव के लोगों को राजनेताओं से महज आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। यहां पर आज भी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए चारपाई का सहारा लेना पड़ता है। इस गांव में ज्यादा बीमार होने पर मरीज को आज भी पीठ पर या चारपाई पर उठाकर सड़क तक ले जाना पड़ता है। इन्हें आवाजाही के लिए कोई पक्का रास्ता तक नसीब नहीं हुआ है।

बरसात के दिनों में सभी तरफ से कट जाता है गांव

यहां से मुख्य मार्ग की दूरी डेढ़-डेढ़ किलोमीटर है लेकिन दोनों तरफ कच्चा रास्ता होने के कारण बरसात के दिनों में यह गांव सभी तरफ से कट जाता है। गांव को जाने वाले इस रास्ते की हालत कुछ ऐसी है कि वहां पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी खतरे से खाली नही है लेकिन लोग मजबूरी में अपनी जान हथेली पर रखकर दोपहिया वाहन ले जाने को मजबूर हैं लेकिन बारिश होने पर उन्हें यह वाहन भी साथ लगते गांवो में खड़े करने पड़ते हैं।

लोकसभा चुनावों में प्रयोग करेंगे नोटा

ग्रामीणों का दावा है कि गांव को जाने वाले रास्ते को लेकर वे कई बार नेताओं व अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात से ज्यादा नहीं निकला। यही कारण है कि यहां के लोग आजादी के बाद भी काले पानी की सजा जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं। परिणाम ये है कि अब यहां के लोगों का राजनेताओं से विश्वास ही उठ गया है। यही वजह है कि अपनी अहमियत बताने के लिए यहां के लोगों ने इस बार लोकसभा चुनावों में नोटा का बटन दबाकर राजनितिक दलों और राजनेताओं को सबक सिखाने की ठानी है।

प्रशासन को नहीं मामले की जानकारी

डी.सी. ऊना राकेश प्रजापति ने बताया कि फिलहाल ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने शिकायत मिलने पर हरसंभव सहयोग किए जाने का दावा किया है। जबकि नोटा दबाए जाने के सवाल पर ग्रामीणों से बात किए जाने का भरोसा दिया है।

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