पुलिस के एक शक ने शख्स को मिलवा दिया परिजनों से

जालंधर(स.ह.):बस स्टैंड में पैट्रोलिंग कर रही पुलिस टीम ने काफी समय से बैठे व्यक्ति को संदिग्ध समझ कर उठा लिया। पुलिस ने बस स्टैंड में बैठने का कारण पूछा तो वह कुछ भी जवाब नहीं दे पाया। शक पड़ा तो पुलिस उस व्यक्ति को पुलिस चौकी बस स्टैंड ले आई और बाद में पता चला कि वह पठानकोट स्थित अपने घर से साढ़े 4 साल पहले भागा था। पुलिस की पूछताछ खत्म हुई तो व्यक्ति बोला कि आई.एम. कम्प्यूटर टीचर, नॉट ए क्रिमिनल।

सोमवार की दोपहर बस स्टैंड चौकी के इंचार्ज मदन सिंह अपनी टीम के साथ बस स्टैंड में पैट्रोलिंग कर रहे थे। ऐसे में 38 वर्षीय व्यक्ति पर पुलिस टीम की नजर पड़ी। संदिग्ध लगने पर पहले तो पुलिस ने उसे बस स्टैंड आने का कारण पूछा। भाषा पठानकोट की थी और बस स्टैंड में बैठे होने का कारण भी न पता लगने पर व्यक्ति को चौकी ले जाया गया। व्यक्ति ने खुद का नाम अजय कुमार पुत्र रूप लाल निवासी काणवां पठानकोट बताया। 

पुलिस को बोला कि वह कम्प्यूटर टीचर है। कुछ कारणों के चलते साढ़े 4 साल पहले घर से भाग गया था। पुलिस को फिर भी विश्वास नहीं हुआ तो अजय की तलाशी ली गई। उसकी जेब से एक पर्ची मिली जिस पर एक नंबर था। अजय बोला कि यह नंबर भाई का है, लेकिन अब बंद न हो गया हो, क्योंकि उसने कभी फोन नहीं किया। चौकी इंचार्ज मदन सिंह ने फोन किया तो अजय के भाई ने ही फोन उठाया। जो कुछ अजय ने पुलिस को बताया वह सच निकला। अजय के परिजन उसे लेने पठानकोट से तुरंत निकल गए।

वहीं पूछताछ में अजय ने बताया कि घर से भाग कर वह चंडीगढ़ स्थित पी.यू. की कैंटीन में काम करता रहा। दिल भरा तो चंडीगढ़ में ही एक गांव के ढाबे में वेटर का काम किया। अब वहां भी मन नहीं लग रहा था। दोपहर को ही बस पकड़ कर जालंधर आ गया और अब यहां पर किसी ढाबे पर काम करना था। पुलिस ने अजय को खाना खिलाया और तब तक उसके परिजन भी पहुंच गए थे। उसके घर वालों ने उसके लापता होने की शिकायत पठानकोट पुलिस को दे रखी थी। सारी जांच के बाद बस स्टैंड पुलिस ने अजय को उसके परिजनों हवाले कर दिया।

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