कांग्रेस से गठजोड़ पर नहीं बनी बात, दिल्ली में अकेले लड़ेगी AAP

नेशनल डेस्कः आप ने दिल्ली और हरियाणा में कांग्रेस के साथ गठबंधन में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुये कहा है, ‘‘लगता है कांग्रेस मोदी को रोकने के मूड में नहीं है। बातचीत पूर्णविराम की ओर अग्रसर है।'' आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बुधवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के बयानों का हवाला देते हुये कहा कि कांग्रेस का रवैया बताता है कि वह मोदी को रोकने के मूड में नहीं है। गठबंधन के प्रयासों में हो रही देरी के लिये कांग्रेस जिम्मेदार है।''


आप के सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व के साथ बातचीत जारी है। पार्टी ने कांग्रेस के समक्ष दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ की 18 सीटों में से कांग्रेस को दस, आप को पांच और जननायक जनता पार्टी (जजपा) को तीन सीट पर चुनाव लड़ने की पेशकश की है। सिंह को आप नेतृत्व ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की बातचीत के लिये अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के प्रयास अब पूर्ण विराम की ओर हैं। हमारी पार्टी अपने प्रचार अभियान में बहुत आगे बढ़ चुकी है।''

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘गुलाम नबी आजाद के साथ मेरी मुलाकात हुई तो मैंने यही कहा कि इस वक्त मोदी को रोकना जरूरी है, इसलिए हरियाणा में कांग्रेस छह, जजपा तीन और आप एक सीट पर चुनाव लड़े। हम दिल्ली में 4:3 के फार्मूले के लिए तैयार हैं।'' सिंह ने कांग्रेस के रुख पर निराशा जताते हुये कहा, ‘‘हमने बहुत प्रयास कर लिया। कांग्रेस के सारे नेतृत्व से बात कर ली, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस, भाजपा और मोदी को रोकने के मूड में है।''

गौरतलब है कि कांग्रेस दिल्ली में आप से 4:3 के फार्मूले के तहत तालमेल की पेशकश कर चुकी है, लेकिन आप दिल्ली के साथ हरियाणा में गठबंधन पर जोर दे रही है। आप सूत्रों का कहना था कि अगर गठबंधन सिर्फ दिल्ली में होगा तो फिर 5:2 फार्मूले पर होगा।

 

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