त्रिकोणीय रणनीति से नशा खत्म करने में जुटी एस.टी.एफ.: मुस्तफा

चंडीगढ़(रमनजीत): नशे के खिलाफ अभियान के तहत गठित स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) नशा पूरी तरह खत्म करने के लिए त्रिकोणीय रणनीति के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आने वालों का इलाज करवाया जा रहा है और भविष्य में नशे की डिमांड ही खत्म हो जाए इसके लिए प्रीवैंशन व जागरूकता पर भी काम किया जा रहा है। यह दावा एस.टी.एफ. चीफ डी.जी.पी. मोहम्मद मुस्तफा ने किया। उनके साथ एस.टी.एफ. के पूर्व चीफ व मौजूदा समय में मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात ए.डी.जी.पी. हरप्रीत सिंह सिद्धू भी मौजूद थे। 

डी.जी.पी. मुस्तफा ने दावा किया कि  नशे के व्यापार से बनाई गई भगौड़े अपराधियों की जायदाद जब्त करने के साथ-साथ उन्हें गिरफ्तार करने पर भी फोकस किया जा रहा है। तस्करों के साथ मेलजोल करने वाले पुलिस  अफसरों व सिविल अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हर पुलिस जिले में एंटी-नार्कोटिक्स यूनिट गठित किए जा रहे हैं। मौजूदा समय में यह यूनिट 13 पुलिस जिलों में ही हैं जबकि अब इनकी संख्या 27 कर दी जाएगी।  मिशन 2019 की अपनी नई रणनीति का ऐलान करते हुए मुस्तफा ने कहा कि नई रणनीति के अंतर्गत गांवों और शहरों को नशामुक्त बनाने के लिए एक राज्य स्तरीय जागरूकता मुहिम की भी शुरूआत की जा रही है। 

एंटी-ड्रग्स ड्राइव का लगातार हो रहा रिव्यू
मुस्तफा ने कहा कि इसके साथ ही मल्टीलैवल सुपरविजन एंड एग्जीक्यूशन सिस्टम लागू किया गया है जिसमें सी.एम. की अध्यक्षता वाली कैबिनेट सब-कमेटी, चीफ सैक्रेटरी की अध्यक्षता वाली एपैक्स कमेटी और एडीशनल चीफ सैक्रेटरी (होम) की अध्यक्षता वाले स्पैशल ड्रग्स ग्रुप का भी गठन किया गया है जिसके द्वारा लगातार एंटी-ड्रग्स ड्राइव का रिव्यू किया जा रहा है। 
2018 में किया 3 लाख नशे से पीड़ितों का इलाज : एस.टी.एफ. चीफ ने कहा कि कुल 168 क्लीनिक क्रियाशील हैं जहां 63,000 से अधिक नशा पीड़ित व्यक्तियों का इलाज चल रहा है। खास बात यह है कि इनमें से 25,000 हैरोइन के एडिक्ट हैं। 2018 दौरान लगभग 3 लाख नशे से पीड़ितों का इलाज सरकारी और प्राइवेट नशा मुक्ति/पुनर्वास केंद्रों में किया गया है। 

ड्रग्स नहीं शराब तस्करी से जुड़ा जीरा का मामला
मुस्तफा ने विधायक कुलबीर सिंह जीरा संबंधी पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके द्वारा उठाया गया मामला ड्रग्स का नहीं बल्कि शराब की तस्करी से जुड़ा है, बाकी मामले की जांच के बाद जो तथ्य आएंगे उनके मुताबिक कार्रवाई होगी। 

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