श्रीलंका के पुगोदा में एक और ब्लास्ट, सीरियल धमाकों में मरने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 11 हुई

कोलंबोः श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से 40 किमी (25 मील) पूर्व में पुगोदा शहर में मजिस्ट्रेट अदालत के पीछे  गुरुवार को एक धमाका सुना गया। यह जानकारी पुलिस और स्थानीय निवासियों ने दी। पुलिस ने कहा कि वे विस्फोट की जांच कर रहे थे, कि अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी। बता दें कि ईस्टर संडे पर आत्मघाती हमलों के बाद श्रीलंका में 359 लोग मारे गए और लगभग 500 घायल हो गए थे।   श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन विस्फोटों में मरने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। 

श्रीलंका विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि बुधवार 24 अप्रैल को बम धमाकों की चपेट में आकर मरने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। बयान में कहा गया है कि इनमें बांग्लादेश का एक, चीन के दो, भारत के 11, डेनमार्क के तीन, जापान का एक, नीदरलैंड का एक, पुर्तगाल का एक, सऊदी अरब के दो, स्पेन का एक, तुर्की के दो, यूके के छह और एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है।  इसके अलावा दो ऐसे लोग हैं जिनके पास यूएस व यूके की नागरिकता एवं दो लोग जिनके पास आस्ट्रेलिया और श्रीलंका की नागरिकता थी। अभी तक 14 विदेशी नागरिकों का पता नहीं चला सका है और हो सकता है कि उनके शव कोलंबो ज्यूडिशियल मेडिकल ऑफिसर्स मोर्चरी में रखे गए बगैर शिनाख्त वाले लोगों में शामिल हों।

बयान में कहा गया है कि 13 विदेशी नागरिकों के अवशेष वापस उनके देश भेज दिए गए हैं और घटना में घायल 12 विदेशी लोगों का कोलंबो साउथ टीचिंग अस्पताल और कोलंबो के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।ईस्टर के मौके पर गिरजाघरों और होटलों को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार धमाकों के संबध में अन्य 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 76 हो गई है।

सेना की मदद के साथ श्रीलंकाई अधिकारियों का तलाश अभियान जारी है। जांच अधिकारी गिरफ्तार किए गए लोगों से हमलों के सिलसिले में पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई के नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के साथ संदिग्ध संबंध हैं। हालांकि एनटीजे ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। इस्लामिक स्टेट ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए हमले को अंजाम देने वाले आत्मघाती हमलावरों की पहचान भी की है। अधिकारियों ने तलाश अभियान में पुलिस की मदद के लिए हजारों सैनिकों को तैनात किया है।

देश में करीब 5000 सैनिक तैनात हैं। सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर सुमित अटापट्टू ने कहा, ‘‘ पिछले 24 घंटे में, कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। हमने 6300 सैनिक तैनात किए हैं। इनमें वायुसेना के 1000 और नौसेना के 600 सैनिक शामिल हैं।''  इन मौतों से श्रीलंकाई लोग भयभीत हो गए हैं। मुस्लिम समूहों ने इन मौतों की निंदा की  है। लेकिन समुदाय के कई लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।  श्रीलंका की कुल दो करोड़ 10 लाख आबादी में जातीयता और धर्मों का मिश्रण है और सिंहली बौद्ध बहुसंख्यकों का वर्चस्व है। 

 

 

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