राहुल और ममता पर बरसे शाह, पूछा- ​घुसपैठियों से आपका क्या है​ रिश्ता?

नेशनल डेस्क: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के जरिए अवैध प्रवासियों की पहचान करने के सरकार के कदम की आलोचना करने को लेकर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। शाह ने महाराष्ट्र में सांगली जिले के तासगांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को घुसपैठियों के मानवाधिकारों की अधिक चिंता है। 



भाजपा अध्यक्ष ने भाजपा उम्मीदवार संजय काका पाटिल के लिए प्रचार करते हुए कहा कि हम देश में घुसपैठ पर लगाम कसने के लिए नागरिकता (संशोधन) विधेयक लाए, 40 लाख घुसपैठियों को असम से हटाने की रणनीति है। राहुल गांधी, सोनिया, शरद पवार और ममता बनर्जी ने इसे लेकर प्रधानमंत्री का विरोध किया। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए उनके रिश्तेदार हैं? विपक्षी दलों को घुसपैठियों के मानवाधिकारों की अधिक चिंता है। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए देश में आते हैं, बम विस्फोट करते हैं, कानून व्यवस्था की समस्या पैदा करते हैं, तो हमारे लोगों और जवानों के मानवाधिकारों का क्या?

शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राकांपा प्रमुख शरद पवार की आलोचना करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने गरीबों के लिए क्या किया। गांधी परिवार ने कई वर्षों तक देश पर शासन किया और पवार ने दो दशकों से अधिक समय तक महाराष्ट्र पर शासन किया, लेकिन उन्होंने समाज की भलाई के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने भाजपा के फिर से सत्ता में आने का भरोसा जताते हुए कहा कि उनका दल देश की सुरक्षा और अखंडता से कभी समझौता नहीं करेगा। भाजपा अध्यक्ष ने नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला के कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री संबंधी सुझाव पर कहा कि वे देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं। क्या मुझे शरद पवार और राहुल गांधी से यह पूछना चाहिए कि ‘क्या आपको यह स्वीकार है?


शाह ने पूछा कि वे गांधी परिवार के लंबे समय से सलाहकार सैम पित्रोदा के इस बयान से सहमत हैं कि कुछ आतंकवादियों की करतूतों के लिए पूरे देश (पाकिस्तान) को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने राजग सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उसने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया। यह मांग पिछले 40 वर्षों से की जा रही थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने पिछले पांच साल में राजग सरकार ने महाराष्ट्र के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपए की निधि जारी की। हमारी सरकार ने 3700 करोड़ रुपए का कृषि रिण माफ किया। जिन किसानों को तकनीकी कारणों से यह लाभ नहीं मिल सका उन्हें चुनाव के बाद यह लाभ मिल जाएगा। मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस बारे में बात की है।

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