रिजर्व बैंक गवर्नर से सरकार के साथ गतिरोध पर ‘सवाल’ कर सकती है संसदीय समिति

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल 27 नवंबर को एक संसदीय समिति के समक्ष उपस्थित होंगे। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि गवर्नर समिति के समक्ष सरकार के साथ गतिरोध, अर्थव्यवस्था और नोटबंदी से संबंधित मुद्दों पर जानकारी देंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय संसद की वित्त पर स्थायी समिति में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी हैं। इस बारे में संपर्क करने पर मोइली ने पुष्टि कि पटेल समिति के समक्ष 27 नवंबर को उपस्थित होंगे।

मोइली ने कहा, ‘रिजर्व बैंक गवर्नर समिति को अर्थव्यवस्था, केंद्रीय बैंक में सुधारों तथा नोटबंदी पर स्थिति की जानकारी देंगे।’ हालांकि, सूत्रों ने कहा कि सदस्य इस दौरान केंद्रीय बैंक और सरकार के बीच हालिया गतिरोध का मुद्दा भी उठाएंगे। रिजर्व बैंक और सरकार के बीच हाल के समय में तनाव बढ़ा है। वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात के तहत विचार विमर्श की प्रक्रिया शुरू की है।

इस धारा का पहले कभी इस्तेमाल नहीं हुआ है। इस धारा के तहत सरकार को रिजर्व बैंक को निर्देश देने का अधिकार है। पटेल को पहले समिति के समक्ष 12 नवंबर को उपस्थित होना था। इससे पहले मोइली ने कहा था कि सदस्य नोटबंदी पर कुछ और जानकारी चाहते हैं, विशेषरूप से इसके प्रभाव के बारे में। 

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