क्या आप जानतें हैं इस पर्वत का रहस्य ?

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हिंदू धर्म में ऐसे बहुत से स्थान और मंदिर हैं जोकि किसी न किसी भगवान के निवास स्थान से जाने जाते हैं। इस बात से तो सब वाकिफ़ ही हैं कि कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है और इसके साथ ही इस जगह को रहस्यमयी और पवित्र माना गया है। इसलिए शास्त्रों में इसकी परिक्रमा करना शुभ व कल्याणकारी बताया गया है। हिंदूओं के इस तीर्थ स्थान को बहुत महत्व दिया गया है। इस पर्वत की ऊंचाई की अगर बात की जाए तो ये दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत एवरेस्ट से लगभग दो हजार दो सौ मीटर कम है। फिर भी ऐसा क्यों है कि माउंट एवरेस्ट पर लोग सात हजार से अधिक बार चढ़ाई कर चुके हैं लेकिन कैलाश पर्वत अब भी अजेय है। भगवान शिव के घर कैलाश पर्वत से जुड़े ऐसे कई रहस्य हैं जिन पर बड़े-बड़े वैज्ञानिकों द्वारा शोध किए जा रहे हैं, लेकिन ऋषि-मुनियों के अनुसार भोलेबाबा के रहस्य को भांप पाना किसी साधारण मनुष्य के वश की बात नहीं है। तो चलिए जानते हैं कैलाश पर्वत के कुछ रहस्यों के बारे में-


तिब्बत मंदिरों के धर्म गुरु इसके बारे में बताते हैं कि कैलाश पर्वत के चारों ओर एक अलौकिक शक्ति का प्रवाह है और यह शक्तियां कोई आम नहीं बल्कि अद्भुत होती हैं। कहा जाता है कि आज भी कुछ तपस्वी इन शक्तियों के माध्यम से आध्यात्मिक गुरुओं के साथ साक्षात्कार करते हैं। कैलाश पर समुद्र तल से लगभग 22 जहर फीट ऊंचा है और हिमालय के उत्तरी क्षेत्र तिब्बत में स्थित है। चूंकि तिब्बत चीन के अधीन है इसलिए कैलाश पर्वत चीन में आता है।

कुछ जानकारों के अनुसार कैलाश पर्वत के महत्व को ऊंचाई से नहीं बल्कि इसके विशेष आकार की वजह से महत्वपूर्ण समझा जाता है। इस पर्वत का चौमुखी आकार दिशा बताने वाले कंपास के चार बिंदुओं जैसा माना जाता है और साथ ही कैलाश पर्वत से ही चार महान नदियों का उदय होता है। सतलुज, सिंधु, ब्रह्मपुत्र और घाघरा ये चारों नदियां इस पूरे क्षेत्र को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटती है और जोकि पूरे विश्व के चार भागों को दर्शाती है। कैलाश पर्वत का सबसे रहस्यमयी तथ्य ये है कि यहां समय तेजी से बीतता है। हालांकि वैज्ञानिक इसके पीछे के कारण को ढूंढने में असफल रहे हैं। 

इसके अलावा कैलाश पर्वत की चोटियों पर दो झील स्थित है। पहला मानसरोवर झील जो दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित शुद्ध पानी की सबसे बड़ी झील है। यह झील 320 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है और इस झील का आकार सूर्य के समान है। 

दूसरा राक्षस झील है जो दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित खारे पानी की सबसे बड़ी झील है। यह झील 225 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। इसका आकार चंद्रमा के समान है। इन्हीं सब कारणों से कैलाश पर्वत को अद्भुत और रहस्यमयी माना जाता है।


 

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