आलू के दाम में 1000 रुपए तक गिरावट, किसानों को हुआ करोड़ों का नुकसान

नई दिल्लीः देश भर में आलू किसानों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के किसानों ने जो आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा है, उसकी कीमतें एक दम से धड़ाम हो गई हैं। पहाड़ी राज्यों में जहां पुराने आलू के दाम 1000 रुपए तक गिर गए हैं, वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी फिलहाल 100 रुपए प्रति क्विंटल की कमी देखने को मिली है। 

संभल में 1000 रुपए धड़ाम कीमत
हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्र का नया आलू दिल्ली मंडी में दस्तक दे चुका है। नया आलू बाजार में आने से संभल के आलू का भाव धड़ाम हो गया है। पंद्रह दिन के भीतर आलू के भाव में 200-400 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी आई है। बाजार भाव दिन प्रतिदिन टूटा है।

पुखराज आलू 800 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है जबकि इसका भाव सात दिन पहले एक हजार रुपये प्रति क्विंटल था। चिप्सोना 1000-1100 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। यह आलू दस दिन पहले 1200-1400 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था। आलू की 3797 प्रजाति का भाव 900 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। जबकि यह आलू 1100-1200 रुपए प्रति क्विंटल बिक चुका है। 

भाव कम होने से किसान चिंतित
अचानक आलू तेजी से मंदी की ओर चला गया। किसान उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें फरवरी तक तेजी का लाभ मिलेगा पर ऐसा न हो सका। नवंबर में ही आलू मंदी का शिकार होने लगा। एक महीने में 600 रुपए क्विंटल की गिरावट दर्ज होने से किसान चिंता में हैं।

हिमाचल में हजार रुपए की गिरावट
हिमाचल के ऊना में बाजार में आलू की नई फसल का मूल्य मात्र चार दिनों में ही 1000 रुपए प्रति क्विंटल गिर गया है। जिससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान होगा। जिले में कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने कामगार न मिलने के कारण अभी तक आलू की फसल नहीं निकाली है।

हालांकि कुछ किसानों द्वारा जालंधर, होशियारपुर सहित यूपी-बिहार से कामगारों को आलू की पटाई के लिए बुलाया जा रहा है। वहीं, कुछ किसान जालंधर व होशियारपुर से खुद ही गाड़ी आदि का इंतजाम कर कामगारों को आलू की पटाई के लिए ला रहे हैं। इसके साथ इनका खाने-पीने व रहने का भी इंतजाम किसानों को ही करना पड़ रहा है। आलू की फसल के मूल्य 1000 रुपए कम होकर बाजार में 3300 रुपए से सीधे 2300 रुपए हो गए हैं।

जिन किसानों ने सैकड़ों कनाल भूमि में आलू की फसल लगाई है, उन्हें सीधे तौर पर ही कई लाख रुपए की चपत लग गई है। जिला के प्रगतिशील आलू उत्पादन करने वाले किसान जगतार सिंह, पवन सैणी, शशि कुमार, दरबारा सिंह तथा प्रकाश चंद ने बताया कि आलू के दाम गिरने से उन्हें लाखों की क्षति होगी। इसकी वजह से किसान चिंतित हैं।

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