सांस लेना हुआ दुश्वार, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड चिंतित

जालंधर (बुलंद): शहर भर में लगे कूड़े के ढेरों से न सिर्फ शहरवासी परेशान हैं, बल्कि इससे पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी भी चिंतित हैं। असल में एक ओर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों का पूरा जोर लगा हुआ है कि किसी भी हाल में शहर का वायुमंडल प्रदूषित न हो और एयर क्वालिटी इंडैक्स कंट्रोल में रहे, परंतु दूसरी ओर नगर निगम का किया धरा ऐसा है कि सारे शहर में कूड़े के ढेर लगे हैं, लेकिन कोई भी इस गंदगी को दूर करने का हल नहीं निकाल रहा है।

औद्योगिक इलाके में लोगों ने किया प्रदर्शन
फैक्टरियों के नजदीक लगातार बढ़ते कूड़े के ढेर से परेशान आज बस्ती बावा खेल के समीप राज नगर में कुछ फैक्टरियों में काम करने वाले व आस-पास रहने वाले लोगों ने कूड़े के ढेर के पास प्रदर्शन किया। प्रवीण बेकरी फैक्टरी के संचालक मयंक बजाज ने बताया कि उनकी फैक्टरी के पास खाली प्लॉट में लगातार रेहड़ों में लाकर कूड़ा फैंका जा रहा है, जिसके कारण इलाके में गंदगी व बदबू बढ़ती जा रही है। कई बार इस बारे में नगर निगम को सूचित किया गया, परंतु कोई इस कूड़े को हटा नहीं रहा है। इस मौके पर संतोष, महिंद्रा, सीमा, राज कुमार, राम कुमार, पवन, कमलेश, गुडिय़ा, संजू, सुमन आदि ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी भी की।
 

गर्भवती महिलाओं व नवजात बच्चों पर पड़ रहा गंभीर असर : डा. रुचि भार्गव
शहर में बढ़ते प्रदूषण के बारे में गायनाकोलॉजिस्ट डा. रुचि भार्गव का कहना है कि प्रदूषण का जहां आम लोगों की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, वहीं इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इससे जहां गर्भवती महिलाओं को सांस की बीमारियां हो रही हैं, वहीं जब उन महिलाओं को सांस की तकलीफ के लिए दवाइयां दी जाती हैं तो उनके पेट में पल रहे बच्चे पर बुरा असर पड़ता है। इस प्रदूषण से नवजात शिशुओं को अंगहीनता, मानसिक बीमारियां और कई प्रकार के रोग होने का खतरा बना रहता है। 

नगर निगम तुरंत कूड़े से खाद बनाने वाले प्लांट लगाए : कक्कड़
प्रदूषण कंट्रोल विभाग के अधिकारी अरुण कक्कड़ का कहना है कि विभाग ने कई बार नगर निगम को लिखा है कि वह कूड़े की निकासी के बारे में उचित प्रबंध करे, परंतु ऐसा हो नहीं रहा है। कूड़े के ढेरों के कारण लोग इन्हें जलाने को मजबूर होते हैं जिससे वातावरण में मिथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है तथा इससे लोगों में कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। नगर निगम को चाहिए कि तुरंत कूड़े से खाद बनाने वाले प्लांट लगाए, ताकि शहर को गंदगी से मुक्त करने व प्रदूषण कम करने में मदद मिले।

 

 

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