SP-BSP पर PM मोदी का तंज- 23 मई दिन गुरुवार को टूटेगी फर्जी दोस्ती

एटाः उत्तर प्रदेश के एटा में विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पहले दो चरणों के चुनाव के बाद जो रुझान आए हैं उससे विपक्षियों की नींद उड़ गई है, पहले दो चरणों में एक तरफ समर्थन दिख रहा है। इस बार का चुनाव देश का दम दिखाने वालों, दमदार देश बनाना वालों और देश को बांटने वालों, कमजोर सरकार बनाने का सपना देखने वालों के बीच है। जो पहली बार वोट दे रहे हैं, वो 5 साल के लिए सरकार नहीं बल्कि भारत के लिए 21वीं सदी कैसी होगी इसका फैसला करने वाले हैं।

'भ्रष्टाचारियों, दलालों और बिचौलियों से देश की रक्षा यही राष्ट्रवाद'
पीएम मोदी ने कहा कि दुश्मनों से देश की रक्षा हो या फिर भ्रष्टाचारियों, दलालों और बिचौलियों से रक्षा, यही राष्ट्रवाद है। इसी राष्ट्रवाद की चौकीदारी हम सभी को करनी है। स्वार्थ की जो महामिलावट सपा-बसपा ने की थी, उसकी क्या हालत है, सब देख रहे हैं। जिनको वोटबैंक मानकर चल रहे थे, सोचते थे कि उनकी सुविधा के हिसाब से यहां-वहां ट्रांसफर हो जाएंगे, वो पहले दो चरणों के मतदान में साफ हो चुका है।

समाज को बांटने वाली ताकतों को यूपी देता है मुंहतोड़ जवाब-PM
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को जात-पात में तोड़कर अपनी राजनीति चमकाने वाले ये भूल गए कि जब बात भारत की आती है, जब बात देश के विकास की आती है, तो समाज को बांटने वाली सारी ताकतों को उत्तर प्रदेश मुंहतोड़ जवाब देता है। यूपी के लोग कुछ लोगों के परिवारों के निजी स्वार्थ नहीं, उत्तर प्रदेश के लोग अपना विकास और देश का भविष्य मजबूत करने वाली सरकार चुन रहे हैं। यूपी ने ही मुझे सांसद बनाया, उत्तर प्रदेश ने ही मुझे प्रधानमंत्री बनाया इसलिए मुझे उत्तर प्रदेश के लोगों के इस फैसले पर गर्व है।

सपा-बसपा पर PM का तंज- चुनाव खत्म-दोस्ती खत्म
विपक्ष पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खोखले वादे करने वालों, खोखली दोस्ती करने वालों का सच आप अच्छी तरह जानते हैं। एक दोस्ती यूपी चुनाव के समय भी हुई थी। चुनाव खत्म-दोस्ती खत्म। एक दोस्ती फिर हुई है, लेकिन इसके टूटने की तारीख भी तय है। आपको बताऊं ये फर्जी दोस्ती टूटने की तारीख? 23 मई। दिन गुरुवार:देश के हर बेघर के पास अपना घर हो, हम इसके लिए निरंतर काम कर रहे हैं।

'सपा-बसपा के सिर्फ झंडे अलग रहे हैं, नीयत एक जैसी' 
सपा-बसपा पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि यूपी में जो पहले सरकार थी, जो खुद को समाजवादी बताते हैं, लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने गरीबों के घर बनाने की चिंता नहीं की ध्यान देते भी कैसे, वो तो सारा ध्यान अपने बंगले पर दिए हुए थे। हम चिट्ठियां लिखते रहे कि जिन गरीबों के लिए घर बनवाने हैं, उसकी लिस्ट भेज दीजिए, लेकिन वो अपने बंगले को विदेशी टाइलों, विदेशी फर्नीचर से सजाने में जुटे थे। और हां, टोंटियां भी तो सुना है बहुत शानदार लगवाईं थीं। सपा-बसपा के सिर्फ झंडे अलग रहे हैं, नीयत एक जैसी ही है। सरकारें बदलती थीं, गुंडे और कब्ज़ा गिरोह भी बदलते थे। किसानों को, दुकानदारों को, व्यापारियों को लूटने का काम खुलेआम होता था। बुआ के समय हुआ भ्रष्टाचार और बबुआ के शासन में दलितों पर अत्याचार तो सबने देखा ही है।

 

Related Stories:

RELATED Modi पर तंज, आप ने Mandi में खाई सेपुबड़ी तो मैंने Gujarat में खाया ढोकला