अक्षय के साथ इंटरव्यू में बोले मोदी, कभी सोचा नहीं था PM बनूंगा, 'दीदी' हर साल भेजती है कुर्ते

नेशनल डेस्कः राजनीति से हटकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी जीवन से जुड़े अनसुने किस्सों के साथ लोकसभा के बीच अभिनेता अक्षय कुमार ने खास इंटरव्यू लिया। पीएम मोदी ने इस इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के उन पहलुओं पर बातचीत की जो हर आम नागरिक उनके बारे में जानना चाहता है जैसे, क्या प्रधानमंत्री को भी आम खाना पंसद है, क्या उनका दिल अपनी मां-भाई और रिश्तेदारों के साथ रहने को नहीं करता।

पीएम मोदी के इंटरव्यू के खास अंश
अक्षय: क्या आम खाना पसंद है या नहीं?
पीएम मोदी: आम खाना पंसद है। जिस तरह के परिवार के हालात थे, वहां आम खरीदने की क्षमता तो थी नहीं, इसलिए खेतों में चले जाते थे तो किसान खाने से रोकता नहीं था. पेड़ से पका हुआ आम खाना पसंद था। हालांकि अब आम खाने पर कंट्रोल करना पड़ता है।

अक्षय: कभी सोचा था पीएम बनेंगे?
पीएम मोदी: कभी नहीं सोचा था कि देश का प्रधानमंत्री बनूंगा। जो नहीं सोचा था वहीं बना। मैं बचपन में सोचता था कि छोटी-मोटी कोई नौकरी करूंगा, मां खुश हो जाएगी। जो पीएम बन जाते हैं उन सभी के दिमाग में भी ऐसा नहीं रहा होगा।

अक्षय: क्या संन्यासी या सैनिक बनना चाहते थे मोदी?
पीएम मोदी: बचपन से ही बड़े लोगों की जीवनी पढ़ने का शौक था। फौजियों को सैल्यूट करना अच्छा लगता था। 1962 का युद्ध हुआ तो स्टेशन पर फौज के लोगों का बड़ा सत्कार किया जाता था, तब मन में ख्याल आया कि यह रास्ता देश के लिए मरने-मिटने वाला है। मन में देश सेवा की भावना थी। रामकृष्ण मिशन आश्रम में पहुंचा, 20 साल के आसपास की उम्र में ही बहुत घूमा, भटका और दुनिया देखी।

अक्षय: क्या पीएम मोदी को गुस्सा आता है?
पीएम मोदी: अफसरों के साथ मेरा दोस्ताना बर्ताव है। कभी-कभी उनको चुटकले सुनाता हूं। सभी दल एक परिवार की तरह एक-दूसरे के साथ जुड़े हैं। ममता दीदी मुझे साल में एक-दो कुर्ते भेजती रहती हैं, कई बार तो वह मिठाई भी भेजती हैं। नाराज और गुस्सा मनुष्य के स्वभाव का हिस्सा है पर यह खुद को तय करना है कि आपको क्या करना है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा, प्रधानमंत्री रहा पर चपड़ासी से लेकर प्रिंसिपल सेक्रेटरी तक किसी पर गुस्सा निकालने का वक्त नहीं मिला। हां मैं सख्त जरूर हूं। मैं अनुशासित हूं लेकिन कभी किसी को नीचा नहीं दिखाता हूं।


अक्षयः कलाई में उल्टी घड़ी क्यों बांधते हैं?
पीएम मोदी: क्योंकि अक्सर मीटिंग के दौरान समय देखना होता है, तो मैं यह नहीं चाहते कि सामने बैठे लोगों को इसका पता चले। जब कभी ऐसी बैठकों में समय देखने की जरूरत होती है तो उल्टी दिशा में घड़ी होने की वजह से आराम से समय देख लेता हूं और लोगों को इसका पता ही नहीं चलता। अगर मीटिंग के दौरान कलाई घुमाकर बार-बार घड़ी देखेंगे तो इससे मीटिंग में बैठे लोग अच्छा महसूस नहीं करेंगे।

अक्षयः क्या आप सोशल मीडिया पर हो रही चीजों को देखते हैं?
पीएम मोदी: मैं जरूर देखता हूं, उससे मुझे बाहर की बहुत प्रकार की जानकारियां मिलती हैं। लोगों की नई -नई क्रिएटिविटी देखने को मिलती है। मैं आपका भी ट्विटर देखता हूं और ट्विंकल खन्ना जी का भी ट्विटर देखता हूं. और कभी कभी मुझे लगता है कि वो जो मेरे ऊपर जो गुस्सा निकालती हैं ट्विटर पे, उसके कारण आपके पारिवारिक जीवन में तो शांति रहती होगी।''

अक्षयः जीवन हर कोई काम से रिटायर होता और आगे का प्लेन बनाता है, आपने क्या सोचा है?
पीएम मोदी: हम लोगों की एक इनर सर्कल की मीटिंग अटल जी, आडवाणी जी... के नेतृत्व में हुई। उसमें रिटारटमेंट के बाद क्या करेंगे ये बात छिड़ी। मुझे लगता है शरीर का कण-कण और जीवन का पल-पल किसी न किसी मिशन में ही खत्म होगा। पर मैंने नहीं सोचा कि मैं आराम करूं, मैं कोई न कोई विष्य पकड़ लूंगा जिस पर काम करूंगा।

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