बर्बादी की कगार पर पहुंची जेट एयरवेज! पायलटों ने PM मोदी को पत्र लिख मांगी मदद

बिजनेस डेस्कः आर्थिक रूप से खस्ताहाल हो चुके जेट एयरवेज के पायलट्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु से कंपनी को बचाने के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की है। जेट एयरवेज के भारतीय पायलटों की रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (NAG) ने पीएम मोदी को लेटर लिखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेट के 260 पायलट उसके प्रतिस्पर्धी एयरलाइंस स्पाइसजेट में नौकरी हासिल करने की कोशिश में लगे हैं। इससे कंपनी की मुश्किल और बढ़ सकती हैं।

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही पायलटों ने चेतावनी दी थी कि 31 मार्च तक उनकी पिछली सैलरी नहीं मिली, तो वो 1 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे। बताया जा रहा है कि पायलट और इंजीनियरों को छोड़कर बाकी सभी कर्मचारियों को समय से वेतन मिल रहा है।

पीएम मोदी से मांगी मदद
जेट एयरवेज के भारतीय पायलटों की NAG ने पीएम मोदी को लेटर लिखकर आशंका जताई है कि एयरलाइंस बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। अगर ऐसा होता है तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इससे भारतीय एविएशन सेक्टर में परेशानियां बढ़ जाएंगी। ऐसे में किराया बढ़ जाएंगा। लिहाजा यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

जेट एयरवेज की परेशानियां

  • जेट एयरवेज में नरेश गोयल मालिकाना हक रखते हैं, उनकी कंपनी पिछले 25 साल के इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय संकट का सामना कर रहा है।
  • कंपनी पर करीब 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी के 120 प्लेन के बेड़े में से करीब एक-तिहाई खड़े हो गए हैं और पहले रोज संचालित 450 उड़ानों के मुकाबले कंपनी सिर्फ 150 फ्लाइट का संचालन कर रही है।
  • कंपनी अपने बैंकों का कर्ज नहीं चुका रही और सप्लायर्स का भुगतान भी नहीं कर पा रही। भारतीय स्टेट बैंक कंपनी को बचाने के लिए एक बेलआउट पैकेज तैयार कर रही है।

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