रैस्टोरैंट मालिक से ऑनलाइन ठगी, बिरयानी के ऑर्डर पर खाते से निकाले साढ़े 12,000

सुजानपुर: सुजानपुर शहर में अजीबोगरीब तरीके से ऑनलाइन ठगी करने का मामला सामने आया है। शातिर ने शहर के एक रैस्टोरैंट मालिक को फोन करके बिरयानी बनाने का ऑर्डर दिया और पैसे देने के लिए गूगल पे अकाऊंट का नंबर मांगा। रैस्टोरैंट मालिक ने ऑनलाइन पैसे लेने के लिए गूगल पे अकाऊंट का नंबर दे दिया। नंबर देते ही शातिर ने उस अकाऊंट में पैसे डालने तो दूर जो पैसे उसमें थे उन्हें भी पलक झपकते ही अपने अकाऊंट में ट्रांसफर कर लिया। शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन ठगी का यह मामला थाना सुजानपुर में दर्ज करवाया है।

75 प्लेट बिरयानी बनाने का दिया था ऑर्डर

शिकायतकर्ता ने जो शिकायत थाना सुजानपुर में दी है, उसमें उसने बताया है कि रविवार प्रात: उसे एक ग्राहक का फोन आया और उन्होंने पूछा कि क्या आप बिरयानी बना लेते हो। रैस्टोरैंट मालिक ने हां बोला और फिर बात आगे बढऩा शुरू हो गई। बातों का सिलसिला जारी रहा और इसी बीच ग्राहक ने रैस्टोरैंट मालिक को करीब 75 प्लेट बिरयानी बनाने का ऑर्डर दे दिया और शाम को बिरयानी लेने की भी बात तय हो गई। इसी बीच जब दोपहर को रैस्टोरैंट मालिक ने पुन: उस ग्राहक को ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए फोन किया तो बिरयानी का ऑर्डर देने वाले ग्राहक ने हां में हां मिलाते हुए अपना ऑर्डर जारी रखने की बात की। इसी बीच ग्राहक ने पहले पैसे देने को लेकर रैस्टोरैंट मालिक से उसका अकाऊंट नंबर मांगना चाहा, जिस पर रैस्टोरैंट मालिक ने उस ग्राहक को ऑनलाइन पैसे डालने के लिए गूगल पे अकाऊंट का नंबर दे दिया।

शातिर ने अकाऊंट नंबर मिलते ही ट्रांसफर कर लिए रुपए

रैस्टोरैंट मालिक के इस अकाऊंट में पहले करीब 12,500 रुपए थे। जैसे ही उसने ग्राहक को यह अकाऊंट नंबर दिया तो इस अकाऊंट में बिरयानी के पैसे आना तो दूर जो पैसे इसमें रैस्टोरैंट मालिक के जमा थे, सारे के सारे पलक झपकते ही ट्रांसफर हो गए और पैसे ट्रांसफर होने संबंधी एक संदेश भी रैस्टोरैंट मालिक के फोन पर आ गया। गनीमत यह रही कि रैस्टोरैंट मालिक ने अभी तक बिरयानी का ऑर्डर नहीं बनाया था। अगर उसने ग्राहक का ऑर्डर भी बना दिया होता और उसके बाद इस तरह ऑनलाइन ठगी भी हो जाती तो उसे दोतरफा मार पडऩी थी। बहरहाल बिरयानी के चक्कर में रैस्टोरैंट मालिक ने 12,500 रुपए का चूना अपने आप को लगवा लिया है।

पुलिस ने ट्रैकिंग पर लगाया फोन नंबर

थाना प्रभारी सुजानपुर सुभाष शास्त्री ने कहा कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। जिस नंबर से उन्हें फोन आया था उसे ट्रैकिंग पर लगा रखा है। ऑनलाइन ठगी के शिकार पढ़े-लिखे लोग ज्यादा बन रहे हैं। विभाग और सरकार लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करके इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए आह्वान कर रहे हैं लेकिन फिर भी शातिर लोगों को बेवकूफ  बनाने में एक कदम आगे हैं। लोगों से आग्रह है कि अपने किसी भी तरह के गोपनीय दस्तावेज, अकाऊंट नंबर व पिन नंबर किसी के साथ शेयर न करें, सतर्क रहें ताकि इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सके।

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