‘दोपहिया वाहन के साथ देने पड़ेंगे दो हैल्मेट’ ‘लेकिन सख्ती से इसे लागू करना होगा’
punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 04:51 AM (IST)

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ‘नितिन गडकरी’ देश के उन चंद नेताओं में से एक हैं जो न सिर्फ स्वच्छ राजनीति के पैरोकार हैं बल्कि अपने विभाग के काम को भी संजीदगी से लेते हैं। देश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कार चालकों की जान बचाने के लिए 2023 में उन्होंने स्वदेशी कार क्रैश टैस्ट प्रोग्राम ‘भारत न्यू कार असैसमैंट प्रोग्राम’ (भारत एन कैप) लांच किया था, जिसके परिणामस्वरूप भारत अब अमरीका, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के बाद इस तरह का ‘कार क्रैश टैस्ट प्रोग्राम’ लागू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन चुका है। इसके अंतर्गत कार निर्माताओं को कार की मजबूती की जांच करने के लिए कार का ‘क्रैश टैस्ट’ करवाना अनिवार्य है। कारों के ‘क्रैश टैस्ट’ के बाद ‘भारतीय वाहन निरीक्षण और प्रमाणन एजैंसी’ (ए.आई.ए.सी.टी.) तथा भारत सरकार का सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय कार की मजबूती के आधार पर उसे ‘सिंगल स्टार’ से ‘फाइव स्टार’ तक की रैंकिंग देते हैं।
इस रैंकिंग से ग्राहकों को कार खरीदते समय उसकी मजबूती की पूरी जानकारी हासिल होती है। इस प्र्रोग्राम से पूरे भारत में कार चालकों की सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मौतों और घायलों की संख्या कम होने की उम्मीद है। अब ‘नितिन गडकरी’ ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दोपहिया वाहन के साथ खरीदार को अनिवार्य रूप से ‘आई.एस.आई. मार्क’ वाले दो हैल्मेट देने की नीति की घोषणा की है। दिल्ली में आयोजित एक ‘ऑटो सम्मिट’ में उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों और उनके सहयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ‘टू व्हीलर हैल्मेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन’ (टी.एच.एम.ए.) के अध्यक्ष ‘राजीव कपूर’ ने ‘नितिन गडकरी’ की इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि यह नियम मौजूदा समय में देश की आवश्यकता है। उन्होंने ‘नितिन गडकरी’ की इस पहल को सड़क सुरक्षा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह कदम भारत में सुरक्षित और समझदारी भरी दोपहिया यात्रा के नए युग की शुरुआत करेगा।
‘श्री राजीव कपूर’ ने कहा कि वाहन चालक और सहयात्री यदि हैल्मेट पहन कर यात्रा करेंगे तो इससे उनमें सुरक्षा के साथ-साथ जिम्मेदारी का भाव भी आएगा। हैल्मेट निर्माताओं द्वारा देश भर में ऐसे उच्च सुरक्षा मानकों वाले हैल्मेट की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हैल्मेट न पहनने के अलावा वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना भी सड़क दुर्घटनाओं के एक बड़े कारण के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि, इस तरह की लापरवाही के लिए वाहन चालक का चालान काटने का कानूनी प्रावधान है लेकिन पुलिस कर्मियों की संख्या कम होने के कारण इस तरह की लापरवाही भी नहीं रुक रही। सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए इस तरह के कानूनी अपराध पर भी सख्ती की जरूरत है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में भारत का दुनिया में पहला स्थान है। 2022 में भारत में कुल 4.61 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1.68 लाख लोगों की मौत हुई। इनमें से 50,000 से ज्यादा मौतें बिना हैल्मेट के दोपहिया वाहन चालकों की थीं जिनमें 18 से 45 वर्ष के बीच की उम्र के 35,692 दोपहिया वाहन चालक और 14,337 सहयात्री शामिल थे।
उसी वर्ष बिना हैल्मेट दोपहिया वाहन चला रहे कुल 1,01,891 चालक और उनके सहयात्री घायल भी हुए थे। घायल होने वालों में 63,584 चालक और 38,307 सहयात्री शामिल थे। इसी प्रकार 2023 में भी भारत में हुई कुल 4.80 लाख सड़क दुर्घटनाओंं में 1.72 लाख लोगों की मौत हुई। बिना हैल्मेट के दोपहिया वाहन चालकों की दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने की नीति में पिछले दो महीनों में यह दूसरा बड़ा प्रयास है। जनवरी महीने में ही उत्तर प्रदेश सरकार ने बिना हैल्मेट के दोपहिया वाहन चालकों को पैट्रोल न देने की नीति लागू की थी। ‘नितिन गडकरी’ का यह प्रयास अपने आप में सराहनीय है लेकिन राष्ट्र स्तर पर इसे उत्तर प्रदेश सरकार की तरह सख्ती से लागू करने की जरूरत है, ताकि बिना हैल्मेट के दोपहिया वाहन चालकों की होने वाली मौतों को रोकना सुनिश्चित किया जा सके।—विजय कुमार