‘मिलावटी खाद्य पदार्थों का जोर’ लोगों की सेहत को पहुंच रहा नुक्सान!
punjabkesari.in Saturday, Oct 10, 2026 - 03:03 AM (IST)
पुराने जमाने में लोग दूध के लिए गाएं पाला करते थे परंतु जब प्रशासन की सख्ती के कारण लोगों के लिए गाएं पालना कठिन हो गया तो शुद्ध दूध के लिए लोग ग्वालों से अपने सामने दुहा दूध लेने लगे जिसे ‘चुआवां दूध’ कहा जाता था। फिर लोगों को शुद्ध पैकेटबंद दूध तथा दूध से बने उत्पाद उपलब्ध करवाने के लिए ‘अमूल’ के नाम से ‘आणंद’ (गुजरात) में 14 दिसम्बर, 1946 को ‘सरदार वल्लभ भाई पटेल’ के मार्गदर्शन में ‘त्रिभुवन दास पटेल’ ने एक सहकारी संस्था कायम की। वैसे तो खाद्य पदार्थों में मिलावट पुराने जमाने में भी होती थी परंतु यह ज्यादातर दूध तक ही सीमित थी और आम तौर पर इसमें पानी ही मिलाया जाता था, परंतु अब दूध ही नहीं बल्कि अन्य खाद्य वस्तुओं में भी मिलावट बहुत बढ़ गई है और दूध में भी पानी के अलावा अन्य अनेक हानिकारक पदार्थ मिलाए जाने लगे हैं।
बाजार में मिलावटी दूध, पनीर और खोए आदि से निर्मित सेहत के लिए हानिकारक मिठाइयां बनाई जा रही हैं। यहां तक कि बाजार में नकली दवाएं तथा टीके या स्प्रे आदि से पकाए गए फल भी बिक रहे हैं, जिनकी पिछले लगभग 2 महीनों की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 16 अगस्त को ‘गाजियाबाद’ (उत्तर प्रदेश) में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तीन फैक्ट्रियों पर छापेमारी करके वहां से जब्त किया गया 868 किलो मिलावटी ‘पनीर’ और 170 किलो फफूंद लगा ‘खोया’ नष्ट करवाया।
* 18 अगस्त को ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) में अधिकारियों ने 25,500 किलो मिलावटी घी जब्त किया, जिसे 100 प्रतिशत शुद्ध घी बता कर बाजार में बेचा जा रहा था।
* 18 अगस्त को ही ‘मथुरा’ (उत्तर प्रदेश) में अधिकारियों ने एक अवैध डेयरी पर छापा मारकर वहां से जब्त 500 किलो दूषित ‘पनीर’ और 2,000 लीटर मिलावटी दूध सीवर में बहाया जिसे सफेद और गाढ़ा बनाने के लिए कपड़े चमकाने वाले कैमिकलों का प्रयोग हो रहा था।
* 23 अगस्त को ‘लखनऊ’ (उत्तर प्रदेश) में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ब्लड प्रैशर तथा अन्य रोगों की बड़ी मात्रा में नकली दवाएं जब्त कीं।
* 24 अगस्त को ‘हापुड़’ (उत्तर प्रदेश) के ‘धौलाना’ में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डिटर्जैंट, स्किम्ड मिल्क पाऊडर और वनस्पति तेल से बनाया 2400 किलो मिलावटी ‘खोया’ और 550 किलो से अधिक नकली ‘पनीर’ जब्त कर जे.सी.बी. से गड्ढा खुदवा कर नष्ट किया।
* 26 सितम्बर को ‘मोहाली’ (पंजाब) में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक ‘पनीर’ निर्माता की फैक्ट्री पर छापेमारी करके सुरक्षा मापदंडों पर खरा न उतरने वाला 1200 किलो नकली ‘पनीर’ और 1,800 लीटर मिलावटी दूध नष्ट करवाने के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया।
* 6 अक्तूबर को महाराट्र में त्यौहारों से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए चलाए विशेष अभियान में ‘मुंबई’ के ‘मलाड ईस्ट’ में एक डेयरी से 2464 किलो मिलावटी घी जब्त किया, जिसे ब्रांडेड कम्पनियों के घी के नाम पर उनसे मिलते-जुलते डिब्बों में पैक करके बेचा जाना था।
* 7 अक्तूबर को ‘सीतामढ़ी’ (बिहार) में छापेमारी में 80 किलो नकली ‘पनीर’ पकड़ा गया जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
* 7 अक्तूबर को ही ‘रुड़की’ (उत्तराखंड) के ‘नन्हेड़ा अनंतपुर’ में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने संयुक्त रेड कर एक अवैध ‘पनीर’ फैक्ट्री का भंडाफोड़ करके वहां से 200 किलो सैमी-प्रोसैस्ड नकली (एनालॉग) ‘पनीर’, ‘पामोलिन ऑयल’ और भारी मात्रा में ‘स्किम्ड मिल्क पाऊडर’ जब्त किया।
* 7 अक्तूबर को ही ‘महाराष्ट्र’ के ‘खाद्य एवं औषधि’ प्रशासन ने ‘नवी मुम्बई’ की ‘तुर्भे मंडी’ से खतरनाक ‘एथेफॉन’ जैसे जहरीले कैमिकल से कृत्रिम रूप से पकाए गए केले और ‘पुणे’ के ‘मालशिरस’ से डिटर्जैंट आदि अन्य हानिकारक रसायनों की मदद से तैयार किया गया 16,730 लीटर दूध पकड़ा।
मिलावटी खाद्य पदार्थों से किसी का जीवन खतरे में डालना किसी की हत्या करने से कम गंभीर अपराध नहीं है, अत: ऐसा जघन्य अपराध करने वालों के विरुद्ध फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई करके उन्हें कड़े से कड़ा दंड देना चाहिए।-विजय कुमार
