‘बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा’ ‘लूटने के बढ़ रहे अपराध’

11/18/2021 4:21:39 AM

आज हमारा भारत घोटालों का देश बनकर रह गया है और कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं बचा जिसमें कोई न कोई घोटाला या हेराफेरी न हुई हो। इनमें सरकारी तथा गैर सरकारी नौकरियां या रोजगार देने के नाम पर की जा रही हेराफेरी भी शामिल है जिसके चंद ताजा उदाहरण निम्र में दर्ज हैं : 

* 22 अक्तूबर को लखनऊ में स्पैशल टास्क फोर्स ने बोगस कम्पनियां बनाकर सरकारी विभागों में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया जो अब तक 500 बेरोजगारों से लगभग 6 करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैं। इनके कब्जे से कई सरकारी विभागों के नियुक्ति पत्र व एग्रीमैंट लैटर सहित विधानसभा सचिवालय के प्रवेश पत्र के अलावा कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। 

* 11 नवम्बर को देहरादून में सरकारी विभागों में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से भारी-भरकम रकम ठगने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को स्पैशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया।
* 13 नवम्बर को यू.पी. के संत कबीर नगर जिले में एक गिरोह द्वारा पुलिस में नौकरी दिलाने के बहाने 16 लाख 25 हजार रुपए ठगने का मामला प्रकाश में आया।
* 14 नवम्बर को हिसार पुलिस ने ग्रुप डी तथा कांस्टेबल की नौकरी दिलाने के बहाने युवाओं को ठगने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 3 लाख रुपए तथा विभिन्न युवाओं से लिए हुए दस्तावेज पकड़े। 

* 16 नवम्बर को बदमाशों द्वारा एक ‘जॉब पोर्टल’ के माध्यम से दिल्ली में एक बुजुर्ग को किसी स्कूल में वरिष्ठï प्रबंधक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 2.36 लाख रुपए ठगने के मामले की पुलिस ने जांच शुरू की। 
* 16 नवम्बर को ही फरीदाबाद में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार करके उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा 1 लाख 2 हजार रुपए बरामद किए। 

आरोपियों पर हाल ही में एक व्यक्ति से काल सैंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर 1,49,800 रुपए ठगने का आरोप है। जांच के दौरान आरोपियों के विभिन्न नामों से खुलवाए गए बैंक खातों में एक वर्ष के भीतर लगभग 30-35 लाख रुपए के लेन-देन का पता चला। 
* 17 नवम्बर को फरीदाबाद में बेरोजगारों को ‘एस्कॉर्ट सॢवस’ देने वाले बनकर अच्छी कमाई का झांसा देकर कई लोगों को ठग चुके गिरोह के 3 बदमाशों को साइबर थाना पुलिस ने पकड़ा। इसी वर्ष मार्च में इन्होंने एक युवक से डेढ़ लाख रुपए ठगे थे। 

पहले ही रोजगार न होने के कारण आॢथक तंगी के शिकार लोगों की मजबूरी का लाभ उठाते हुए उन्हें ठगना गंभीर बात है, अत: बेरोजगार लोगों से नौकरियों के नाम पर छल करने के जिम्मेदार लोगों पर फास्ट ट्रैक अदालतों में केस चला कर उन्हें जल्द से जल्द कड़ा दंड दिया जाना चाहिए ताकि मजबूर लोग ऐसे समाज विरोधी तत्वों के झांसे में आने से बच सकें।—विजय कुमार 


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