बहुत भारी पड़ सकती है ओमिक्रॉन को हल्के में लेने की भूल

punjabkesari.in Monday, Jan 10, 2022 - 05:28 AM (IST)

दुनिया भर में वही हो रहा है जिसका डर था-कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के चलते संक्रमण में तेजी की वजह से कई देशों में हालात बिगडऩे लगे हैं। अमरीका और इंगलैंड में एक बार फिर कोरोना ने हाल बेहाल कर दिया है। अब भारत में भी कोरोना वायरस के अत्यधिक संक्रामक ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट के कारण कोविड के मामलों में भारी वृद्धि देखी जा रही है। रविवार  को कोरोना संक्रमण की संख्या 5,90,611 तक पहुंच चुकी थी। 

जहां एक ओर संक्रमण फैलने की दर बढ़ रही है वहीं चिंता की बात यह भी है कि बड़ी संख्या में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी वायरस से प्रभावित हो रहे हैं। दिल्ली में 6 बड़े अस्पतालों के 750 डाक्टर तथा स्वास्थ्य सहयोगी कोरोना से संक्रमित हैं। सबसे ज्यादा एम्स प्रभावित हुआ है जहां वर्तमान में 350 रैजीडैंट डाक्टर आइसोलेशन में हैं। जहां महाराष्ट्र में कम से कम 364 रैजीडैंट डाक्टर कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, वहीं बिहार में अब तक 550 डाक्टर संक्रमित हो चुके हैं। अन्य राज्यों में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार 9 राज्यों में 1700 से अधिक डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों को कोविड-19 से प्रभावित पाया गया है। लम्बे समय से कोरोना ग्रस्त रोगियों का इलाज करते हुए डॉक्टर तथा स्वास्थ्य कर्मी मानसिक तथा शारीरिक थकान का सामना भी कर रहे हैं। ऐसी हालत में वे कब तक खुद को बचा पाएंगे। भले ही अस्पताल में भर्ती होने की दर अब तक बहुत अधिक चिंता का विषय नहीं है लेकिन यदि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी इसी तरह संक्रमित होते रहे तो स्वास्थ्य तंत्र को चरमराने में अधिक देर नहीं लगेगी क्योंकि आने वाले दिनों में संक्रमण के शीर्ष तक पहुंचने की आशंका देखी जा रही है। 

ओमिक्रॉन को कई लोगों द्वारा हल्का या बिना किसी खतरे वाला माना जा रहा है, जिसकी वजह से मास्क पहनने जैसे कोविड नियमों और उचित व्यवहार का उल्लंघन किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) ने भी हाल ही में कहा था कि  ‘‘सुझाव देना खतरनाक है कि ओमिक्रॉन हल्का है।’’ कोरोना को काबू में रखने के लिए अब हम केवल सरकार को ही जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। जब तक लोग मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाने,  नियमित रूप से हाथ धोने जैसे नियमों का गम्भीरता से पालन नहीं करेंगे और कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे, तब तक इस महामारी को काबू में रखना सम्भव नहीं होगा।


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