‘तेलंगाना’ : राजनीतिज्ञों की औलादों द्वारा नाबालिगा से ‘सामूहिक बलात्कार’

punjabkesari.in Sunday, Jun 05, 2022 - 05:16 AM (IST)

देश में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की बाढ़ आई हुई है जिनमें आम लोगों के साथ-साथ प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों के सदस्य भी संलिप्त पाए जा रहे हैं। इसी तरह की एक नवीनतम घटना में हैदराबाद (तेलंगाना) में एक नाबालिग लड़की के साथ 5 छात्रों द्वारा मारपीट और गैंगरेप का मामला सामने आया है। 

जिस कार में यह अपराध हुआ, वह तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ (टी.आर.एस.) के एक नेता की बताई जाती है। पुलिस के अनुसार 28 मई की रात को लड़की कुछ दोस्तों द्वारा जुबली हिल्स स्थित एक पब में दी गई पार्टी में शामिल हुई थी। लड़की के साथ उसकी एक सहेली भी थी जो पहले ही अपने घर चली गई थी। शाम लगभग पांच-साढ़े पांच बजे पीड़ित लड़की और आरोपी लड़के पब से बाहर निकले तथा उन्होंने लड़की को उसके घर तक छोडऩे का आफर दिया, परंतु उसे घर छोडऩे की बजाय आरोपी लड़कों ने लड़की को एक सुनसान जगह ले जाकर कार में उसके साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया जबकि इस दौरान उनके अन्य साथी कार के बाहर पहरा देते रहे। 

घर पहुंचने पर जब लड़की के पिता ने उसकी गर्दन पर चोटों के निशान देख कर उससे इसके बारे में पूछा तो उस समय सदमे में होने के कारण लड़की अपने पिता को ज्यादा कुछ न बता पाई। पीड़ित लड़की के पिता ने 31 मई की रात को जुबली हिल्स पुलिस थाने में दर्ज करवाई शिकायत में कहा कि उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ और मारपीट हुई है। उन्होंने कहा कि लड़की सदमे में होने के कारण इस स्थिति में नहीं है कि इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी दे पाए। 

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आई.पी.सी. की धारा 354, 323 और पोक्सो अधिनियम की धाराओं 9, 10 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कर ली। परंतु बाद में पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए जब पीड़िता को ‘भरोसा’ नामक काऊंसलिंग सैंटर में भेजा, वहां पीड़िता ने अपने साथ हुई दरिंदगी के बारे में विस्तार से बताया तो उसके बयान के आधार पर एफ.आई.आर. में बदलाव करके इसमें सामूहिक बलात्कार के तहत मामला दर्ज किया गया और उसमें आई.पी.सी. की धारा 376डी भी जोड़ दी गई। लड़की से मिली जानकारी और काल डाटा, सी.सी.टी.वी. फुटेज की जांच के बाद सभी अभियुक्तों की पहचान करके इनमें से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा अन्य की तलाश जारी है। 

आरोपियों में से एक असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ‘आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन’ (ए.आई.एम.आई.एम.) के विधायक का बेटा, दूसरा सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टी.आर.एस.) के नेता का बेटा और तीसरा राज्य के अल्पसंख्यक बोर्ड के चेयरमैन का बेटा बताया जाता है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी तथा सत्तारूढ़ टी.आर.एस. के बीच अच्छे सम्बन्ध हैं। एक आरोपी की शिनाख्त सादुद्दीन मलिक के रूप में हुई है। 

तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता के. कृष्णसागर राव ने आरोप लगाया है कि इस मामले को दबाने के लिए पुलिस पर ए.आई.एम.आई.एम. तथा टी.आर.एस. की ओर से राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है। जिस कार में अपराध हुआ, उसे जब्त किए जाने के बावजूद आखिर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही। भाजपा ने सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जुबली हिल्स थाने के सामने धरना भी दिया। 

प्रभावशाली लोगों के नाते, रिश्तेदारों द्वारा यौन अपराध का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व इसी वर्ष 20 अप्रैल को तेलंगाना की सत्तारूढ़ ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ के ही एक नेता के बेटे को एक 20 वर्षीय महिला के सामूहिक बलात्कार में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले 10 अप्रैल को बंगाल के नादिया जिले के हंसखाली में तृणमूल कांग्रेस के एक प्रभावशाली नेता के बेटे को नाबालिग लड़की से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जबकि राजस्थान के एक मंत्री का बेटा भी गत वर्ष जयपुर और दिल्ली में एक 23 वर्षीय महिला के साथ कथित बलात्कार के आरोपों के घेरे में है। 

राजनीतिज्ञों के लग्जरी कारों में घूमने वाले परिजनों द्वारा इस तरह का आचरण निश्चय ही दुखद है। शायद वे स्वयं को कानून से ऊपर समझते हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को जल्दी न्याय भी नहीं मिल पाता। विरोधी दल इस तरह के मामलों को उठाते अवश्य हैं परंतु इसके पीछे उनका उद्देश्य भी अधिकांशत: राजनीतिक लाभ उठाना ही होता है। आशा करनी चाहिए कि तेलंगाना सरकार इस मामले में तेजी से कार्रवाई करके दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाएगी।—विजय कुमार 


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