‘अध्यापकों द्वारा छात्रों से’ यौन शोषण के बढ़ते मामले!
punjabkesari.in Sunday, Mar 15, 2026 - 02:25 AM (IST)
जीवन में माता-पिता के बाद अध्यापक का दर्जा काफी ऊंचा माना गया है क्योंकि माता-पिता जहां एक तरफ बच्चे का पालन-पोषण करते हैं और संस्कार देते हैं तो अध्यापक उसे ज्ञान का प्रकाश देकर जीवन में आगे बढऩे के लिए तैयार करते हैं। लेकिन आज के चंद अध्यापक गुरु-शिष्य की इस पवित्र मर्यादा को भूल कर अपने ही विद्याॢथयों के साथ अनैतिक हरकतों में लिप्त पाए जा रहे हैं और बच्चों का यौन शोषण तक कर रहे हैं। इसके हाल ही के लगभग 8 महीनों में सामने आए उदाहरण निम्न में दर्ज हैं :
* 3 जुलाई, 2025 को ‘मुंबई’ के एक प्रतिष्ठित स्कूल की 40 वर्षीय शिक्षिका को 16 वर्षीय छात्र के साथ यौन संबंध बनाने के आरोप में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करके गिरफ्तार किया गया। हालांकि इस मामले में महिला टीचर को हाई कोर्ट ने इस आधार पर जमानत दे दी कि महिला और उसके स्टूडैंट के मध्य आपसी सहमति के साथ सब कुछ हुआ था।
* 26 अक्तूबर, 2025 को तमिलनाडु के ‘तंजावुर’ जिले के एक सरकारी मिडल स्कूल के शिक्षक 53 वर्षीय एम. भास्कर को पांचवीं कक्षा की छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
मामले की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न करने पर स्कूल की प्रधानाध्यापिका एम. विजया को भी गिरफ्तार किया गया और दोनों पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
* 28 अक्तूबर, 2025 को तेलंगाना के ‘जुलुरपाद’ जिले में सरकारी स्कूल के एक अध्यापक को सातवीं कक्षा की लड़कियों के यौन शोषण के आरोप में पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ई.ई.एस. शर्मा के अनुसार आरोपी अध्यापक के खिलाफ ड्यूटी में कोताही बरतने के मामले में भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
* 12 नवम्बर, 2025 को उत्तर प्रदेश के ‘कौशांबी’ में चौथी कक्षा की छात्राओं के अभिभावकों द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई शिकायत में स्कूल के एक शिक्षक पर पढ़ाते समय बच्चियों के साथ छेडख़ानी का आरोप लगाया। जब छात्राओं ने छेडख़ानी का विरोध किया तो शिक्षक ने छात्राओं की पिटाई कर दी। अध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
* 20 जनवरी, 2026 को राजस्थान में ‘चित्तौडग़ढ़’ के एक सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक और एक महिला शिक्षक का स्कूल परिसर में आपत्तिजनक हालत में वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया और पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की।
* और अब 6 मार्च को झारखंड के ‘गढ़वा’ जिले में ‘सोहबरिया’ स्थित एक विद्यालय में छात्रों के साथ एक अश्लील गाने पर नाचने के आरोप में स्कूल के पिं्रसीपल को निलंबित कर दिया गया और 2 सहायक शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पिं्र. कुंदन कुमार रंजन और 2 सहायक शिक्षक विदाई समारोह के दौरान आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के साथ नृत्य करते दिखाई दे रहे हैं। इस कथित वीडियो के वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
निश्चित तौर पर इन घटनाओं में शामिल अध्यापकों की हरकतों ने शिक्षकों की छवि को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ गुरु-शिष्य की मर्यादा को भी भंग किया है। बच्चों के खिलाफ यौन अपराध को लेकर कड़े कानून होने की जानकारी के बावजूद अध्यापकों के यह कृत्य काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ऐसे अध्यापकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करके अध्यापक जगत को संदेश देने की जरूरत है, ताकि इससे अन्य अध्यापकों को सबक मिले।—विजय कुमार
