‘प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सकारात्मक पहल’ भारत-बंगलादेश संबंध फिर सुधार की तरफ!

punjabkesari.in Tuesday, Mar 31, 2026 - 03:54 AM (IST)

1971 में हुई भारत-पाकिस्तान जंग में भारत की जीत के बाद 16 दिसम्बर, 1971 को पूर्वी पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर बंगलादेश के रूप में एक अलग देश बन गया। बंगलादेश के गठन के बाद से ही भारत और बंगलादेश के रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव आता रहा है। 
जहां एक तरफ 1991 से 1996, 2001 से 2006 तक प्रधानमंत्री रहने के दौरान ‘खालिदा जिया’ ने पाकिस्तान को तरजीह दी वहीं दूसरी तरफ शेख हसीना ने ‘बंगलादेश अवामी लीग’ की सरकार की प्रधानमंत्री रहते 2008 से लेकर 2024 तक भारत के साथ रिश्तों में गर्मजोशी दिखाई लेकिन अगस्त, 2024 में बंगलादेश में मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत और बंगलादेश के संबंध लगातार खराब होते चले गए।

बंगलादेश में आम चुनाव में हुई बंगलादेश नैशनलिस्ट पार्टी (बी.एन.पी.) की जीत के बाद अब प्रधानमंत्री ‘तारिक रहमान’ रिश्तों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। बंगलादेश में लोकतंत्र की बहाली के बाद भारत ने भी बंगलादेश के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

13 फरवरी को प्रधानमंत्री ‘नरेंद्र मोदी’ ने बंगलादेश के प्रधानमंत्री ‘तारिक रहमान’ के साथ बातचीत की और उन्हें चुनावी जीत की बधाई दी और कहा कि भारत और बंगलादेश के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं और भारत दोनों  देशों के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। यही नहीं लोकसभा के स्पीकर ‘ओम बिरला’ भारत की तरफ से ‘तारिक रहमान’ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए और उनसे मुलाकात की। भारत की तरफ से की गई रिश्तों में सुधार की पहल का नतीजा यह हुआ कि तारिक रहमान की शपथ के एक सप्ताह के भीतर ही 20 फरवरी को बंगलादेश ने दिल्ली, अगरतला और सिलीगुड़ी दूतावासों में दो महीने से बंद पड़ीं वीजा सेवाएं शुरू कर दीं। 

15 मार्च को बंगलादेश पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बी.पी.सी.) के महाप्रबंधक (वाणिज्यिक एवं संचालन) मोहम्मद मुर्शीद हुसैन आजाद ने कहा कि हाल ही में भारत से बंगलादेश में 5000 टन डीजल पहुंचा है, और बंगलादेश अप्रैल तक भारत से अतिरिक्त 45,000 टन डीजल आयात करेगा।बंगलादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने 16 मार्च, 2026 को बंगलादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार (वित्त मंत्रालय और योजना मंत्रालय) राशिद अल महमूद टिटुमिर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों देशों के बीच परिवहन, ऊर्जा और डिजिटल कनैक्टिविटी को मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के मध्य अगस्त, 2024 के बाद रुकी परियोजनाओं में से 8 परियोजनाओं पर फिर से काम शुरू करने पर सहमति बनी है।

28 मार्च को एक बड़ा फैसला लेते हुए बंगलादेश के नए सूचना और प्रसारण मंत्री ‘जहीरुद्दीन स्वप्न’ ने बंगलादेश में इंडियन प्रीमियर लीग (आई.पी.एल.) के प्रसारण पर लगी पाबंदी को हटाने का ऐलान कर दिया। इस बीच बंगलादेश के विदेश मंत्री ‘खलील उर रहमान’ 7 अप्रैल को भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनके इस दौरे के दौरान भारत और बंगलादेश के मध्य रुके हुए कई प्रोजैक्ट्स के अलावा दोनों देशों के मध्य रक्षा समझौते पर भी गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है। बहरहाल बंगलादेश के प्रधानमंत्री ‘तारिक रहमान’ अपनी मां और बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के विपरीत रुख अपना रहे हैं और शपथ ग्रहण के बाद से ही उनका ध्यान भारत के साथ संबंधों की मजबूती और विश्वास बहाली पर है और उन्होंने इस दिशा में सकारात्मक पहल कर दी है। विदेश मंत्रालय के अफसरों को अब दोनों देशों के मध्य सुधार के लिए कूटनीति से काम लेना पड़ेगा क्योंकि इसी में दोनों देशों की आम जनता की भलाई है।—विजय कुमार 


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