‘नशों की तस्करी व सेवन में’ अब चंद नेता व उनके सम्बन्धी भी शामिल!

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 04:12 AM (IST)

नशों का सेवन देश में चिंताजनक हद तक बढ़ गया है। विशेष रूप से युवा वर्ग नशे की लत का शिकार होकर बुरी तरह खोखला हो रहा है तथा नशों के अत्यधिक सेवन के कारण होने वाली मौतों से असंख्य परिवार उजड़ रहे हैं। हालांकि सरकार द्वारा नशों की इस बुराई पर काबू पाने की तुरन्त आवश्यकता है परंतु इसके विपरीत हमारे चंद नेता और उनके सगे-सम्बन्धी भी इस धंधे में संलिप्त और स्वयं नशा करते पाए जा रहे हैं जिसकी पिछले 8 महीनों में सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 14 जुलाई, 2025 को ‘ठाणे’ (महाराष्ट्र) में पुलिस ने ‘कर्नाटक’ की कांग्रेस सरकार में राज्यमंत्री ‘प्रियांक खरगे’ के करीबी ‘लिंगराज कन्नी’ को नशे के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रतिबंधित ‘कोडीन सिरप’ की 120 बोतलों के साथ गिरफ्तार किया। 
* 27 जुलाई, 2025 को ‘इंदौर’ (मध्य प्रदेश) में क्राइम ब्रांच ने भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ‘कमाल खान’ के बेटे ‘माज खान’ को नशे का कारोबार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। ‘माज खान’ ने पुलिस कर्मियों को कार से टक्कर मार कर भागने और उन्हें रौंदने की कोशिश भी की। तलाशी लेने पर उसकी कार से एक युवती और संदिग्ध पाऊडर बरामद हुआ। 
* 13 सितम्बर, 2025 को ‘आगर’ (मध्य प्रदेश) जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा मंडल उपाध्यक्ष ‘राहुल आंजना’ की कार सहित 2 वाहनों से 5 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की ड्रग्स बरामद की। पुलिस ने इस संबंध में कार में सवार 2 अन्य लोगों को तो हिरासत में ले लिया जबकि ‘राहुल आंजना’ भागने में सफल रहा। 

* 8 दिसम्बर, 2025 को मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री ‘प्रतिमा बागरी’ के सगे भाई ‘अनिल बागरी’ को ‘सतना’ में 9 लाख रुपए से अधिक मूल्य के 46 किलो गांजा के साथ उस समय पकड़ा जब वह इसकी सप्लाई करने जा रहा था। इससे कुछ दिन पहले ही राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का एक अन्य रिश्तेदार शैलेंद्र सिंह भी ‘बांदा’ में गांजा की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। 

* 13 जनवरी, 2026 को ‘मालदा’ (पश्चिम बंगाल) की पुलिस ने टी.एम.सी. नेता ‘एनारुल शेख’ को राज्य में एक बड़ा ड्रग नैटवर्क चलाने के आरोप में कोलकाता के ‘एंटाली’ इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसका गिरोह मणिपुर और असम से ड्रग्स बनाने का कच्चा माल लाता तथा  ‘मालदा’ व आसपास के इलाकों में ‘ब्राऊन शुगर’ जैसे नशीले पदार्थ तैयार किए जाते थे।
पुलिस का दावा है कि इस अवैध कारोबार से ‘एनारुल शेख’ ने लगभग 1000 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की है। ‘एनारुल शेख’ को तृणमूल सरकार में राज्यमंत्री ‘सबीना यासमीन’ का करीबी बताया जाता है। कुछ समय पूर्व एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें ‘सबरीना यास्मीन’  के जन्म दिन पर ‘एनारुल शेख’ उसे केक खिलाता नजर आ रहा था।

* 15 फरवरी, 2026 को ‘वाराणसी’ (उत्तर प्रदेश) की ‘स्पैशल टास्क फोर्स’ (एस.टी.एफ.) ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार और तस्करी करने वाले बड़े सिंडीकेट का पर्दाफाश करके नशे के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले ‘कोडीन’ युक्त ‘फेंसेडिल कफ सिरप’ के मामले में सपा नेता अमित यादव तथा उसके अनेक साथियों को गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि अमित यादव काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र संघ का पूर्व अध्यक्ष भी रह चुका है। 

* 14 मार्च, 2026 को ‘मोइनाबाद’ (तेलंगाना) स्थित एक फार्म हाऊस पर पुलिस की छापेमारी में ‘आंध्र प्रदेश’ के ‘एलुरु’ से ‘तेलुगु देशम पार्टी’ (तेदेपा) सांसद ‘पुट्टा महेश कुमार’ और ‘भारत राष्ट्र समिति’ (बी.आर.एस.) के पूर्व विधायक ‘रोहित रैड्डी सहित 6 लोगों को नशीली दवाओं (ड्रग्स) के सेवन के आरोप में हिरासत में लिया गया। नशे की तस्करी में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की संलिप्तता चिंताजनक है। अत: इसे समाप्त करने के लिए इसमें शामिल अन्य लोगों के अलावा राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा उस पार्टी से भी निकालने की जरूरत है जिसकी ओट लेकर वे यह सब कुछ कर रहे हैं। —विजय कुमार 


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