‘स्वतंत्रता दिवस पर’ प्रेरणा देने वाली अच्छी खबरें!

punjabkesari.in Saturday, Aug 15, 2026 - 06:59 AM (IST)

15 अगस्त, 1947 को सैंकड़ों वर्षों की गुलामी से मुक्ति के पश्चात आज हम 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैंं। यह स्वतंत्रता हमें लम्बे संग्राम के दौरान असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से प्राप्त हुई है। आज के दौर में जबकि चारों ओर अशांति व्याप्त है, यहां हम अपने पाठकों के लिए इसी महीने सामने आई चंद अच्छी खबरें प्रस्तुत कर रहे हैं जो इस बात की प्रतीक हैं कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए नैतिकता, भाईचारा और ईमानदारी की राह पर चलने वाले देशप्रेमियों की कमी नहीं है : 

* 3 अगस्त को ‘फरीदाबाद’ (हरियाणा) में एक महिला द्वारा चोरी के डर से एक बोरी में छिपा कर रखे सोने-चांदी के गहनों वाली बोरी को परिवार के एक अन्य सदस्य ने अनजाने में कबाड़ समझकर एक कबाडि़ए को बेच दिया। जब कबाडि़ए ने घर जाकर बोरी खोली, तो उसमें भारी मात्रा में गहने देखकर वह हैरान रह गया। उसने तुरंत उस परिवार से संपर्क किया और उनके जीवन भर की कमाई उन्हें सुरक्षित सौंप दी।
* 6 अगस्त को ग्रामीण बच्चों का भविष्य संवारने की अनूठी मुहिम चलाने वाले राजस्थान के एक आई.ए.एस. अधिकारी ‘जितेंद्र कुमार सोनी’ का एक वीडियो वायरल हुआ जिन्होंने सरकार की उपेक्षा की शिकार जर्जर और खंडहर हो चुकीं इमारतों को अपने अथक प्रयासों से 70 से अधिक ग्राम पंचायतों में शानदार और आधुनिक पुस्तकालयों में बदल दिया है। 

* 10 अगस्त को अयोध्या के ‘राम मंदिर परिसर’ में सेवादार ‘ध्रूवेश मिश्रा’ को लाखों रुपए मूल्य की हीरों से जड़ी एक सोने की चेन मिली। ‘ध्रूवेश मिश्रा’ ने इसकी मालिक महिला का पता लगा कर उसकी अमानत उसे लौटा दी जो उसके दिवंगत पति की आखिरी निशानी थी। 
* 10 अगस्त को ही ‘हरिद्वार’ (उत्तराखंड) से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे ‘मेरठ’ पहुंचे कांवडिय़ों ने एक मुस्लिम का जनाजा आता देख कर न सिर्फ अपनी पवित्र यात्रा को कुछ देर के लिए वहीं रोक दिया, बल्कि पूरे सम्मान के साथ खड़े होकर जनाजे को पहले रास्ता दिया। 
* 12 अगस्त को ‘नूंह’ (हरियाणा) में मदरसे के सैंकड़ों छात्रों ने एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थाम कर ‘यासीन मेवात डिग्री कालेज’ से लेकर ‘गांधी पार्क’ तक मार्च निकाला। ‘पसमांदा विकास फाऊंडेशन’ द्वारा आयोजित इस मार्च को  ‘एक हाथ में कुरान, एक हाथ में तिरंगा’ नाम दिया गया था। इस मार्च में लगभग 200 बच्चों, 150 मुस्लिम महिलाओं और जिले के 100 के लगभग धार्मिक नेताओं ने भाग लिया। इस मार्च में भाग लेने वाले बच्चों ने राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र निर्माण से संबंधित नारे लगाए। 

* 12 अगस्त को ही ‘मुजफ्फरनगर’ (उत्तर प्रदेश) में ‘मोहम्मद शाकिर’ ने अपने 2 ङ्क्षहदू मित्रों ‘मिंटू’ और ‘गौरव’ के साथ मिलकर हरिद्वार से 201 लीटर गंगाजल की भारी-भरकम कांवड़ उठाई। सिर पर टोपी पहने शाकिर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए पैदल यात्रा पर निकले। उनका कहना था कि इस पहल का उद्देश्य समाज में ‘जात-पात छोड़ो, इंसानियत जोड़ो’ का संदेश देना और भाईचारे को मजबूत करना है।
* 12 अगस्त को ही ‘गया’ (बिहार) जिले की ‘आमस पंचायत’ के पूर्व मुखिया ‘बुलाकी मांझी’ और उनकी पत्नी मतिया देवी, जिनकी ईमानदारी आज भी मिसाल बनी हुई है, का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें बताया गया है कि वर्ष 2001 से 2011 तक पूरे 10 वर्ष पंचायत के मुखिया रहे ‘बुलाकी मांझी’ ने सरकारी कोष से एक रुपया भी अपने ऊपर खर्च नहीं किया। आज 80 वर्ष की आयु में भी ‘बुलाकी मांझी’ अपने पुराने ‘खपरैल’ के मकान में रहते हैं और उनके बच्चे दिल्ली में मजदूरी करते हैं।

* 12 अगस्त को ही श्रीनगर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में लोगों ने अभूतपूर्व एकता और उत्साह का प्रदर्शन किया। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कश्मीर के लोगों की यह एकजुटता, ईमानदारी, कड़ी मेहनत और सेवा भाव पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन गया है।
 * 12 अगस्त को ही नक्सल प्रभावित ‘बस्तर’ (छत्तीसगढ़) में उपमुख्यमंत्री ‘विजय शर्मा’ के नेतृत्व में तीन दिवसीय ऐतिहासिक ‘बस्तर तिरंगा यात्रा-2026’ शुरू की गई। यह यात्रा उन संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरी जो कभी नक्सल ङ्क्षहसा के गवाह थे। लोगों ने हाथों में तिरंगे लेकर इस यात्रा का स्वागत किया, जो बस्तर में अमन-चैन और भाईचारे के नए युग का संकेत दे रहा है। ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा’ की कामना के साथ अपने पाठकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए हम आशा करते हैं कि आने वाले दिनों में हमें दिल को दुखाने वाली नहीं बल्कि कुछ अच्छा करने को प्रेरित करने वाली खबरें पढऩे को मिलेंगी और हमारा प्यारा देश विकास तथा तरक्की की सीढिय़ां चढ़ता चला जाएगा।-विजय कुमार


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