‘सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि’ उजड़ रहे परिवार!

punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 01:27 AM (IST)

भारत में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि से होने वाली मौतों से परिवार उजड़ रहे हैं। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में देश में पुलिस रिकार्ड में दर्ज 4,87,707 सड़क दुर्घटनाओं में 1,77,175 लोगों की मौत हुई। स्थिति की गंभीरता का अनुमान इसी माह पिछले 6 दिनों में हुई चंद निम्न घटनाओं से लगाया जा सकता है : 

* 12 जून को ‘बेगूसराय’ (बिहार) में एक कार अपने आगे जा रहे ट्रक से टकरा गई जिससे उसमें सवार 4 लोगों की मौत हो गई।  
* 13 जून को ‘होसकोटे’ (कर्नाटक) में एक तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा जाने से 2 लोगों की मौत हो गई।
* 14 जून को ‘सहारनपुर’ (उत्तर प्रदेश) में धौला कुआं के पास एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से अपने रिश्तेदारों से मिलकर घर लौट रहे मोटरसाइकिल पर सवार एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई। 
* 14 जून को ही ‘सोलापुर’ (महाराष्टï्र) के ‘मालशिरस’ में एक गाड़ी के कुएं में गिरने से एक मंदिर में दर्शन करके लौट रहे 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 
* 14 जून को ही ‘मथुरा’ (उत्तर प्रदेश) में 2 वाहनों की टक्कर में गोवर्धन में गिरिराज जी की परिक्रमा करके अपने घर मध्य प्रदेश लौट रहे  2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई व 13 अन्य घायल हो गए। 

* 14 जून को ही ‘भोगपुर’ (पंजाब) में एक तेज रफ्तार बस ने रेहड़ी को टक्कर मार दी। इससे रेहड़ी पर सवार मांं और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई।
* 15 जून को ‘बीकानेर’ (राजस्थान)के ‘श्रीडूंगरगढ़’ क्षेत्र में कार और डम्पर की टक्कर में फतेहाबाद (हरियाणा) के रहने वाले 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। 
* 16 जून को ‘भुवनेश्वर’ (ओडिशा) में एक तेज रफ्तार इलैक्ट्रिक कार ने कई दोपहिया वाहनों और ऑटो को टक्कर मारते हुए एक चाय की दुकान पर खड़े लोगों को रौंद दिया जिससे 3 लोगों की मौत हो गई।
* 17 जून को ‘बदायूं’ (उत्तर प्रदेश) जिले में एक ट्रैक्टर और ई-रिक्शा के बीच भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप 6 महिलाओं की मौत हो गई।
* 17 जून को ही ‘मुंबई-पुणे एक्सप्रैसवे’ (महाराष्टï्र) पर एक कंटेनर ट्रेलर के ब्रेक फेल हो जाने के कारण उसने अनेक वाहनों को अपनी लपेट में ले लिया जिससे एक महिला की मौत हो गई व 18 से अधिक लोग घायल हो गए।
* 18 जून को ‘जलालपुर’ (उत्तर प्रदेश) में एक दरगाह से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट जाने से एक बुजुर्ग श्रद्धालु की मौत तथा 9 अन्य घायल हो गए। आटो चालक मोबाइल पर बात कर रहा था। 
* 18 जून को ही ‘चंबा’ (हिमाचल प्रदेश) में पुखरी-मसरूंड मार्ग पर एक बोलैरो वाहन के गहरी खाई में गिर जाने से एक ही परिवार के 6 सदस्यों सहित 7 लोगों की मौत हो गई।

* 18 जून को ही ‘वडोदरा’ (गुजरात) में एक ट्रक और बस के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
* 18 जून को ही ‘जनगांव’ (तेलंगाना) जिले में एक तेज रफ्तार लॉरी ने सड़क किनारे खड़े मिनी ट्रक में टक्कर मार दी जिससे 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
* और अब 18 जून को ही ‘हरिद्वार’ (उत्तराखंड) के रानीपुर क्षेत्र में अपने गार्डन में पानी दे रहे एक भाजपा नेता को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सड़क दुर्घटनाओं के कारणों में सड़कों की खस्ता हालत, खुले मैनहोल, यातायात नियमों का उल्लंघन, शराब पीकर, लापरवाही से या अनियंत्रित गति, बिना प्रशिक्षण गाड़ी चलाना, लगातार अधिक समय के लिए बिना रुके या बिना पूरी नींद लिए वाहन चलाना, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाना, दोपहिया वाहनों पर 2 से अधिक लोगों द्वारा यात्रा करना व खतरनाक स्टंट करना आदि मुख्य कारण हैं। 
अत: जब तक प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम नहीं उठाए जाएंगे इसी प्रकार होने वाली दुर्घटनाओं से परिवार उजड़ते रहेंगे। 
इन्हें रोकने के लिए लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने  के अलावा सड़कों और पुलों को सुरक्षित बनाना जरूरी है और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी भी जरूरी है।—विजय कुमार 


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