भारत में बढ़ रहा नशे का कारोबार और विदेशी तस्करों की संलिप्तता

2021-09-02T04:02:10.803

आज समूचे विश्व में नशे का कारोबार अत्यंत लाभदायक बन जाने के कारण इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। भारत में जहां विभिन्न राज्यों में सीमा पार से भारी मात्रा में हैरोइन, गांजा, कोकीन, हशीश, अफीम आदि जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है, वहीं इसमें बड़ी संख्या में विदेशी भी शामिल पाए जा रहे हैं : 

* 6 अगस्त को मुम्बई में अधिकारियों ने एक नाईजीरियन को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से 50 लाख रुपए की 102 ग्राम कोकीन बरामद की।
* 9 अगस्त को मुम्बई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक विदेशी को 7 करोड़ रुपए के नशीले कैप्सूलों के साथ पकड़ा गया ।
* 12 अगस्त को अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल हवाई अड्डे पर एक अफ्रीकी नागरिक को 4 किलो अफीम के साथ पकड़ा गया।
* 19 अगस्त को तरनतारन पुलिस ने एक नाईजीरियन तथा उसके साथी को 3 करोड़ 15 लाख रुपए मूल्य की 630 ग्राम हैरोइन सहित काबू किया। 

* 23 अगस्त को पाकिस्तान सीमा पर पंजगराईं चौकी के निकट 40 किलो हैरोइन की बरामदगी के सिलसिले में पुलिस ने मलेशिया के रहने वाले एक व्यक्ति सहित 2 लोगों को नामजद किया।
* 31 अगस्त को सी.आई.ए. स्टाफ ढिलवां की पुलिस ने ढिलवां नाके पर 100 करोड़ रुपए की 20 किलो हैरोइन बरामद करके 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
* 31 अगस्त को तमिलनाडु पुलिस तथा केंद्रीय गुप्तचर एजैंसियों ने श्रीलंका के तमिलों द्वारा तमिलनाडु तट के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी किए जाने का अलर्ट जारी किया।
* 31 अगस्त को शिमला पुलिस ने नई दिल्ली से एक नाईजीरियन युवक को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से 27.23 ग्राम चिट्टा पकड़ा। 

* 31 अगस्त को मुम्बई में अभिनेता अरमान कोहली के ड्रग केस से जुड़े दो विदेशी नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
भारत में नशा तस्करी में विदेशियों के शामिल होने के ये तो अगस्त माह के चंद उदाहरण मात्र हैं। नशीले पदार्थों की तस्करी में विदेशियों की भागीदारी कितनी बढ़ चुकी है, यह इसी से स्पष्ट है कि हिमाचल प्रदेश की कुल्लू पुलिस ने जुलाई 2019 से जुलाई 2021 के बीच 24 विदेशी नागरिकों को ड्रग्स के अवैध व्यापार के आरोप में पकड़ा जिनमें से 17 अफ्रीकी मूल के चिट्टा सप्लायर थे। वास्तव में नशा आज सोने से भी महंगा बिक रहा है जिसके तस्करों ने ‘कोड’ नाम रखे हुए हैं। कुछ स्थानों पर चिट्टे को ‘इलायची’, नशीले कैप्सूलों को ‘बादाम’ और नशीली गोलियों को ‘चीनी’ के नाम से बेचा जा रहा है। जहां तक नशों के शरीर पर पडऩे वाले हानिकारक प्रभाव का संबंध है ‘चिट्टा’ एक ऐसा सिंथैटिक नशा है जिसके एक-दो बार सेवन से ही व्यक्ति इसका आदी हो जाता है। 

म्यांमार के हैरोइन तस्कर उत्तर पूर्वी राज्यों के रास्ते भारत में हैरोइन भेजते हैं जबकि पाकिस्तान द्वारा पंजाब के रास्ते भारत में नशे की तस्करी करवाई जाती है। अफगानिस्तान के तस्कर अपने यहां से हैरोइन और अफीम की तस्करी के लिए हवाई रूट का इस्तेमाल करते रहे हैं। अब जबकि तख्ता पलट के बाद अफगानिस्तान पर एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है, वहां से नशीले पदार्थों की तस्करी में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है क्योंकि नई सरकार को धन की जरूरत और भी बढ़ जाएगी। अत: अफगानिस्तान के नए शासकों द्वारा नशे के व्यापार को बढ़ावा देने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि दिखावे के लिए तो तालिबान ने ड्रग ट्रेड से दूरी बनाने और अफीम की खेती पर रोक लगाने की भी घोषणा की है, परंतु आय का एक बड़ा स्रोत होने के कारण तालिबान द्वारा इस घोषणा पर टिके रहना कठिन प्रतीत होता है। 

चूंकि तस्कर देश में नशे पहुंचाने के लिए जमीनी, समुद्री और हवाई सभी रूटों का इस्तेमाल करते हैं, अत: इसे रोकने के लिए सीमाओं पर तार बाड़ को अधिक मजबूत करने और उसमें 24 घंटे करंट छोडऩे के साथ ही समुद्री और वायु मार्गों पर सुरक्षा और चैकिंग मजबूत करने तथा जर्मनी, अमरीका, इसराईल और जापान आदि देशों की भांति नशा व अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है।-विजय कुमार


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Chief Editor

vijay kumar

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