मेलोनी के साथ विवाद क्या ट्रम्प अपने गुस्से पर काबू पाएंगे?
punjabkesari.in Monday, Jun 22, 2026 - 03:14 AM (IST)
जैसे ही पैरिस में जी7 शिखर सम्मेलन समाप्त हुआ, हर कोई शांत लग रहा था क्योंकि वर्साय पैलेस में अमरीका और ईरान के बीच शांति का एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया था (एक ऐसी जगह, जो मुख्य रूप से इसलिए जानी जाती है, जहां 1789 में राजशाही को उखाड़ फैंकने वाली फ्रांसीसी क्रांति शुरू हुई थी लेकिन उतनी ही महत्वपूर्ण वह शांति संधि भी थी, जो जर्मनी और उसके खिलाफ एकजुट हुए चार देश- ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और अमरीका के बीच हस्ताक्षरित हुई थी, जिसने 29 जून, 1919 को प्रथम विश्व युद्ध को समाप्त किया था)।
लेकिन व्यापार समझौतों या होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के महत्व बारे ट्रम्प की एक घटिया टिप्पणी सबका ध्यान एक अलग दिशा में ले गई। यूं तो ट्रम्प ने अनेकों बार अपने सहयोगियों को गलत बयानबाजी से नीचा दिखाने की कोशिश की है, जैसे यूक्रेन से आए जेलेंस्की, ब्रिटिश पी.एम. कीर स्टार्मर, जापानी पी.एम. सनाए ताकाइची, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन, शायद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कनाडा के पी.एम. मार्क कार्नी कुछ हद तक ट्रम्प को अपनी गलत बयानी सुधारने के लिए मजबूर करने में सक्षम रहे। इस बीच पुतिन या शी जिनपिंग के साथ उनका व्यवहार हमेशा विनम्र रहता है।
इस बार भी शुक्रवार सुबह यह नया विवाद सामने आया, जब इतालवी टी.वी. ला 7 के एक पत्रकार ने ट्रम्प के साथ फोन पर कुछ सवाल किए। इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ उनकी मुलाकात का प्रश्र जब आया तो ट्रम्प ने कहा, जॉर्जिया, ‘वह शायद खुश है कि मैंने उससे बात की। मुझे उसके साथ फोटो खिंचवाने की कोई जरूरत नहीं थी। वह मेरे साथ इतनी शिद्दत से फोटो ङ्क्षखचवाना चाहती थी, मैं तो ऐसा करता भी नहीं। लेकिन मुझे उस पर तरस आ गया।’मेलोनी ने शुक्रवार को ही एक सोशल मीडिया वीडियो में कहा, ‘एक बात है जो उन्हें याद रखनी चाहिए, न मैं और न ही इटली कभी भीख मांगते हैं।’ मेलोनी ने, जो कभी यूरोप में ट्रम्प के सबसे मजबूत सहयोगियों में से एक थीं, अमरीकी राष्ट्रपति के दावे को खारिज करते हुए कहा, ‘मैं सचमुच स्तब्ध हूं। यह पूरी तरह से मनगढ़ंत है। मुझे नहीं पता कि वह अपने ही सहयोगियों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों करते हैं। यह पहली बार नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके पास अमरीका के दुश्मनों के लिए वैसा दृढ़ संकल्प नहीं है।’
ट्रम्प ने शनिवार को ट्रूथ सोशल पोस्ट में पलटवार करते हुए कहा, ‘मेलोनी ने हमें ईरान के खिलाफ इटली की हवाई पट्टी का उपयोग भी नहीं करने दिया। एक बड़ी ताॢकक असुविधा थी। अब जब अमरीका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है, तो वह अपने नम्बर बढ़ाने के लिए फिर से दोस्त बनना चाहती है। नहीं, धन्यवाद!’ मेलोनी ने भी इंस्टाग्राम पर पीछे न रहते हुए कहा, ‘ये लगातार, अकारण हमले बेहूदा और तर्कहीन हैं।’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘जहां तक मेरी लोकप्रियता का सवाल है, आपका दोस्त होना निश्चित रूप से इसमें मददगार नहीं रहा।’वास्तव में ट्रम्प और मेलोनी के बीच संबंध तब तेजी से बिगड़े जब मेलोनी ने ईरान में युद्ध को लेकर ट्रम्प और पोप लियो के बीच हुए विवाद में हस्तक्षेप किया और कैथोलिक आध्यात्मिक नेता पर ट्रम्प के मौखिक हमले को ‘अस्वीकार्य’ बताया।ट्रम्प ने निश्चित रूप से उन्हें ‘साहस की कमी वाली’ कहना जारी रखा। मेलोनी ने जी7 बैठक के दौरान ट्रम्प से मिलकर रिश्ते सुधारने की कोशिश की, लेकिन तब तक बात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई।
हालांकि इटली के पूरे राजनीतिक परिदृश्य ने ट्रम्प का विरोध किया है। विदेश मंत्री एंटोनियो तायानी ने घोषणा की कि वह विरोधस्वरूप अगले सप्ताह अपनी निर्धारित अमरीका यात्रा रद्द कर रहे हैं। रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो उस समय वाशिंगटन में थे, जब यह घटना हुई। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, ‘किसी के लिए भी यह अच्छा नहीं है, न अमरीका के लिए और न ही इटली के लिए।’ यहां तक कि वामपंथी विपक्ष भी आलोचना करने के लिए मेलोनी की दक्षिणपंथी पार्टी के साथ शामिल हो गया।
मेलोनी, जिन्होंने व्हाइट हाऊस में ट्रम्प की वापसी के बाद से यूरोप और अमरीका के बीच एक पुल के रूप में कार्य करने का प्रयास किया है। लेकिन 2027 में इटली में होने वाले चुनाव के साथ, जनरल रॉबर्टो वन्नाची, जो एक पूर्व इतालवी सैन्य जनरल हैं, अब एक मजबूत दक्षिणपंथी के रूप में मेलोनी के लिए एक चुनौती पेश कर रहे हैं। लोगों को लगता है कि इस विवाद की गर्मी जल्द ही शांत हो जाएगी। परन्तु इससे जनरल को मदद मिलेगी। मेलोनी जो इटली की पहली महिला पी.एम. हैं, अपने बूते पर बनी राजनेता हैं। अपनी मां द्वारा अकेले पाली गईं, वह जब स्कूल में थीं तो म्यूजिक डिस्क बेचती थीं। जापान की पी.एम. ट्रम्प द्वारा अपमानित किए जाने पर एक विनम्र महिला रही होंगी लेकिन मेलोनी नहीं। शायद अब समय आ गया है कि ट्रम्प अपने गुस्से पर काबू पाएं। लेकिन यह कहना आसान है और करना मुश्किल।
