‘देवताओं व महान लोगों की मूर्तियां’ तोड़ने की साजिशें-घोर निंदनीय!
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 03:48 AM (IST)
एक ओर देश अपराध, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है तो दूसरी ओर चंद समाज विरोधी लोग विभिन्न देवी-देवताओं, धर्म गुरुओं और सम्मानित समाज सुधारकों आदि की प्रतिमाओं को खंडित करके और उन्हें चुरा कर समाज में तनाव और विद्वेष पैदा करने की साजिशें रच रहे हैं जिसकी मात्र पिछले डेढ़ महीनों की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 8 जनवरी, 2026 को ‘इटावा’ (उत्तर प्रदेश) के ‘उसराहार’ में दलित समाज द्वारा आयोजित ‘भागवत कथा’ के दौरान कुछ दबंगों ने ‘बाबा साहेब डा. भीम राव आम्बेडकर’ की प्रतिमा को खंडित कर दिया जिस पर पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है।
* 24 जनवरी, 2026 को ‘डिब्रूगढ़’ (असम) में ‘सरस्वती पूजा’ के दौरान चंद बदमाशों द्वारा ‘मां सरस्वती’ की प्रतिमा के साथ तोड़-फोड़ की गई जिससे स्थानीय लोगों में रोष फैल गया।
* 2 फरवरी, 2026 को ‘बांदा’ (उत्तर प्रदेश) में सुभाष नगर स्थित ‘प्राचीन हनुमान मंदिर’ में समाज विरोधी तत्वों द्वारा ‘हनुमान जी’ की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करके ले जाने की घटना सामने आई।
* 4 फरवरी, 2026 को ‘कादरचौक’ (उत्तर प्रदेश) में ‘बाराचिर्रा’ ग्राम पंचायत के ‘माजरा नारायण नगला मंदिर’ में स्थापित एक देव प्रतिमा को खंडित कर दिया गया। घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मूर्ति खंडित करने वाले आरोपी ‘बाबूराम’ को पकड़ कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
* 6 फरवरी, 2026 को ‘बाराबंकी’ (उत्तर प्रदेश) के ‘अवसानेश्वर मंदिर’ में चांदी का चढ़ावा चुराने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
* 7 फरवरी, 2026 को ‘संगारेड्डी’ जिले (तेलंगाना) के ‘तेल्लापुर’ में शरारती तत्वों ने महान समाज सुधारक तथा ‘सत्यशोधक’ समाज के संस्थापक ‘महात्मा ज्योतिबा फुले’ की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।
उल्लेखनीय है कि ‘महात्मा ज्योतिबा फुले’ ने 1848 में देश का पहला बालिका विद्यालय खोल कर महिला शिक्षा की नींव रखी थी और सती प्रथा तथा बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष किया था। उन्होंने अपनी पत्नी ‘क्रांति ज्योति सावित्री भाई फुले’ को देश की पहली महिला अध्यापिका बनाया।
* 8 फरवरी, 2026 को ‘छतरपुर’ (मध्य प्रदेश) के गांव में कुछ बदमाशों ने गुरु रविदास महाराज जी की मूर्ति खंडित कर दी जिस पर गांव के लोगों में रोष फैल गया और वे विरोध जताने के लिए सड़क पर उतर आए।
* 11 फरवरी, 2026 को ‘मेरठ’ (उत्तर प्रदेश) में ‘परीक्षित गढ़’ क्षेत्र के एक प्राचीन मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त करने के सिलसिले में पुलिस ने केस दर्ज किया।
* 17 फरवरी, 2026 को ‘विदिशा’ (मध्य प्रदेश) में एक प्राचीन मंदिर के गर्भगृह से चोरों ने सोने की मूर्ति चुराने के प्रयास में उसे नुकसान पहुंचाया।
* 18 फरवरी, 2026 को ‘मुजफ्फरनगर’ (उत्तर प्रदेश) में एक शिव मंदिर में तोड़-फोड़ और महंत से मारपीट के दौरान हमलावरों ने मंदिर में भगवान काॢतकेय और नंदी जी की मूॢतयों को खंडित कर दिया।
* 19 फरवरी, 2026 को ‘नरवाणा’ (हरियाणा) के ‘ढाकल’ गांव में कुछ शरारती तत्वों ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे लोगों में भारी रोष फैल गया।
* 21 फरवरी, 2026 को ‘पाली’ (राजस्थान) के रानी क्षेत्र में एक मंदिर की मूर्ति के आभूषणों की चोरी के दौरान प्रतिमा को खंडित किया गया जिस पर लोगों ने बाजार बंद रख कर रोष व्यक्त किया।
* और अब 24 फरवरी को ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) स्थित ‘द्विमुखी हनुमान मंदिर’ में प्रतिष्ठिïत एक प्रतिमा को शरारती तत्वों द्वारा खंडित कर दिया गया जिसके सम्बन्ध में केस दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ऐसी महान विभूतियों की प्रतिमाओं को खंडित करके शरारती तत्वों ने न सिर्फ सामाजिक सौहार्द का ताना-बाना तोडऩे की कोशिश की है बल्कि उक्त महान विभूतियों के करोड़ों अनुयायियों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। अत: ऐसा करने वालों को कठोर दंड दिया जाना चाहिए ताकि कोई और ऐसा करने का दुस्साहस न कर सके और देश में आपसी सौहार्द तथा शांति कायम रहे।—विजय कुमार
