‘भारत की सुरक्षा को’ खतरे में डाल रहे चंद गद्दार!

punjabkesari.in Wednesday, Oct 21, 2026 - 03:24 AM (IST)

इस समय देश को एक ओर पाकिस्तान से खतरे का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर भारत में रह कर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले देशद्रोहियों की सूची लम्बी होती जा रही है जो अपने ही देश की सामरिक महत्व की जानकारी पाकिस्तान को देकर भारत की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। इनकी इसी वर्ष सामने आई घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 11 मार्च को उत्तर प्रदेश के ए.टी.एस. द्वारा आगरा में भारतीय नौसेना में लांस नायक ‘आदर्श कुमार’ उर्फ ‘लक्की’ को पाकिस्तान की खुफिया एजैंसी आई.एस.आई. के लिए जासूसी करने तथा आई.एस.आई. को भारत के युद्धपोतों के चित्र और विवरण भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह ‘कोच्चि’ (केरल) में नौसेना के दक्षिण नेवल कमांड में तैनात था।
* 23 मार्च को असम के एयरफोर्स स्टेशन पर एम.टी.एस. (मल्टी टास्ंिकग स्टाफ) के पद पर तैनात ‘सुमित कुमार’ को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह पैसों के लालच में 3 वर्षों से बीकानेर के नाल एयरपोर्ट की जानकारी के अलावा भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लोकेशन तथा मिसाइल सिस्टम आदि से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था। 

* 11 मई को दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और आई.एस.आई. से संबंध होने के संदेह में 3 युवकों को ‘निवाड़ी’ से गिरफ्तार किया। 
* 14 जुलाई को पंजाब पुलिस के स्टेट स्पैशल ऑपरेशन सैल ने संगरूर (पंजाब) के रहने वाले भारतीय सेना के एक कार्यरत सैनिक ‘देविंदर सिंह’ को भारतीय सेना से जुड़े अत्यंत खुफिया दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपने के आरोप में जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी सैक्टर से गिरफ्तार किया।
* 28-29 अगस्त को दिल्ली पुलिस की स्पैशल सैल ने एक बड़े जासूसी नैटवर्क का भंडाफोड़ करके साहिल और उसकी पत्नी समीरा को सेना के छावनी इलाकों की रेकी करने और भारतीय सिम कार्ड जुटाकर पाकिस्तान भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया। ये दोनों सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी एजैंटों के संपर्क में थे। 

* 3 अगस्त को ‘अलवर’ (राजस्थान) में राजस्थान पुलिस की स्पैशल ब्रांच तथा जम्मू की ‘मिलिट्री इंटैलीजैंस’ (एम.आई.) ने पैसों के लालच में आकर भारतीय सेना, ईटाराणा आर्मी छावनी, रेलवे स्टेशन तथा वंदे भारत ट्रेन के आवागमन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां, फोटो तथा वीडियो पाकिस्तान भेजने के आरोप में 4 युवकों उमेश जाटव, संजय जाटव, धारा जाटव तथा आकाश जाटव को गिरफ्तार किया। 
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने फर्जी पहचान तथा महिलाओं के नाम से सोशल मीडिया अकाऊंट एवं व्हाट्स ऐप के जरिए इनसे सम्पर्क साधा था।

* 3-4 अक्तूबर रात को असम पुलिस की ‘स्पैशल टास्क फोर्स’ (एस.टी.एफ.) ने पाकिस्तानी जासूसी नैटवर्क से जुड़े होने के आरोप में भारतीय सेना के एक रिटायर्ड जवान, जो रिटायरमैंट के बाद सेना में कांट्रैक्ट पर काम कर रहा था और जिसका नाम गुप्त रखा गया है तथा ‘अभिषेक कुमार सिंह’ नामक युवक को गिरफ्तार किया। 
शुरुआती जांच में अभिषेक के ‘पाकिस्तान इंटैलीजैंस आप्रेटिव’ (पी.आई.ओ) के संपर्क में होने तथा उसके साथ सुरक्षा बलों से जुड़ी गुप्त जानकारी सांझा करने का मामला सामने आया है। 

* 8 अक्तूबर को सुरक्षा एजैंसियों ने सैन्य जानकारियां पाकिस्तान भेजने के आरोप में 3 राज्यों से 8 लोगों को गिरफ्तार किया। 
* 17 अक्तूबर को मध्य प्रदेश के भोपाल से क्राइम ब्रांच ने ‘साजिद मुनीर’ नामक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया। वह भोपाल में अपनी पहचान छिपाकर एक बैंक में नौकरी कर रहा था और वहां शादी कर पक्के तौर पर बसने की फिराक में था।
* और अब 18 अक्तूबर को जम्मू में सेना के एक अधिकारी की पत्नी के विरुद्ध जासूसी से जुड़ी गतिविधियों के आरोप में मुकद्दमा दर्ज किया गया है। उस पर चीनी खुफिया एजैंट के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर विश्लेषणात्मक दस्तावेज तैयार करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता टूल्स आदि का इस्तेमाल करने का आरोप है। जिस थाली में खाते उसी में छेद करने वालों की उक्त घटनाओं से स्पष्टï है कि घर में ही देशद्रोही मौजूद हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों को अधिक चौकसी बरतने और पकड़े गए देशद्रोहियों को कठोरतम दंड देने की आवश्यकता है ताकि उनका अंजाम देख कर और ऐसे लोग आगे न आएं। —विजय कुमार 


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