महंगे होते चुनाव: 67 साल में 60 पैसे से 55 रुपए हुआ प्रति वोटर चुनाव का खर्च

नई दिल्ली: प्रति वोटर चुनाव का खर्च साल-दर-साल बढ़ता ही जा रहा है। 67 साल में प्रति वोटर खर्च में 9000 फीसदी से ज्यादा की बढ़ौतरी हुई। 1952 में पहले चुनाव में 60 पैसे प्रति वोटर खर्चा था जो आज 17वीं लोकसभा के समय 55 रुपए पर पहुंच गया है। 

चुनाव का बजट पिछले चुनावी बजट से दोगुना हुआ
बैलेट पेपर से लेकर चुनावी तैयारियों के लिए कुल 10.45 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था। हालांकि 1957 में हुए दूसरे चुनाव का बजट तकरीबन आधा हो गया लेकिन उसके बाद चुनावी बजट में लगातार बढ़ौतरी होती गई लेकिन 1977 में चुनाव का बजट पिछले चुनावी बजट से दोगुना हो गया। 

11.61 करोड़ रुपए था 1971 में चुनाव का खर्च 
1971 में चुनाव का खर्च 11.61 करोड़ रुपए था और 1977 में यह बढ़कर 23.03 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। चुनावी बजट और वोटर्स की संख्या के आधार पर प्रति वोटर पर होने वाले खर्च को देखा जाए तो इसमें लगातार बढ़ौतरी हुई है। 1977 में प्रति वोटर खर्च जहां 71 पैसे था, वहीं 1980 यह डेढ़ रुपए प्रति वोटर पर पहुंच गया।
 

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