गहलोत सरकार के लिए संकट, आरक्षण की मांग को लेकर रेल ट्रैक पर बैठे गुर्जर

नेशनल डेस्कः आरक्षण को लेकर राजस्थान सरकार की मुसीबतें बढ़ गई हैं।  सरकार की ओर से वार्ता प्रस्ताव आने से नाराज गुर्जर समाज ने रेलवे ट्रैक बैठने का फैसला किया है। बता दें कि गुर्जर समाज राज्य सरकार से 5 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहा है। आज इसी मांग को लेकर गुर्जर समाज ने महापंचायत की। पंचायत के बाद आंदोलन का ऐलान किया गया। गुर्जर नेता कर्नल नेता किरोड़ी बैंसला गुर्जरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

पटरी पर बैठे गुर्जर नेता
गुर्जर सवाई माधोपुर के मलारना रेलवे स्टेशन पर पटरी पर बैठे हैं। बता दें कि गुर्जरों ने सरकार को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया था। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई में आज महापंचायत हुई। महापंचायत में फैसले के बाद शाम 4 बजे आंदोलन का ऐला किया।

किरोड़ी सिंह बैंसला ने हाल ही में कहा था कि सरकार ने यदि गुर्जर और चार अन्य जातियों को पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया, तो आठ फरवरी से राज्य में गुर्जर आरक्षण आंदोलन फिर शुरु किया जाएगा। अजमेर में मंगलवार को आयोजित गुर्जर समाज की बैठक में बैंसला ने मांग नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।


गहलोत सरकार से कर रहे हैं मांग
बैंसला ने कहा कि हमें पांच प्रतिशत आरक्षण चाहिए। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस बारे में वादा किया था और अब हम कांग्रेस सरकार से सरकारी दस्तावेज बन चुके घोषणा पत्र के वादे को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के तहत राजमार्गों और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा।

गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका-रेबारी गडिया लुहार, बंजारा और गडरिया समाज के लोगों को 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के अतिरिक्त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जर को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत से आरक्षण मिल रहा है। 

 

Related Stories:

RELATED संकट में गोवा सरकार, पार्रिकर की जगह किसी और को बनाया जा सकता है CM