मोदी ने मोहन भागवत के ईशारे पर दिया सवर्णों को आरक्षण: हवासिंह

भिवानी(अशोक):केंद्र सरकार द्वारा सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने छलावा बताते हुए कहा कि यह आरक्षण प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस नेता मोहन भागवत के कहने से किया है। यह बात उन्होंने आज भिवानी में एक पत्रकार वार्ता के दौरान कही। सांगवान ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-15 के तहत आरक्षण का आधार केवल सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ापन होता है। ऐसे में आर्थिक आधार पर आरक्षण कानून की मूल भावना के विपरीत है।



सांगवान ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी जा चुका है और उन्हें लगता है कि संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ करके जो आरक्षण दिया गया है, वह आने वाले समय में रद्द होगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक आधार पर जो शर्तें रखी गई हैं, उनको अधिकतर अमीर आदमी पूरा करते हैं। ऐसे में आर्थिक आधार से दिए गए आरक्षण का भी वास्तविक लाभ अमीर लोग ही उठाएंगे। इसीलिए आरक्षण का आधार उन्हे लंबे समय तक टिकता हुआ नजर नहीं आ रहा।



उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार जरूरतमंद सवर्णों को लाभ ही देना चाहती थी तो फीस माफ करके, किताबें देकर या अन्य तरीकों का प्रयोग करके लाभ दे सकती थी। परंतु सरकार ने ऐसा न करके आर्थिक आरक्षण का तरीका अपनाया है, जो गलत है, क्योंकि किसी भी व्यक्ति के आर्थिक स्थिति अच्छी व बुरी होती रहती है, जबकि कास्ट सर्टिफिकेट एक बार बनता है। ऐसे में आने वाले समय में आर्थिक आधार पर आरक्षण बेमानी साबित होगा।

इस मौके पर उन्होंने हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गुरुग्राम में यह कहते हैं कि हरियाणा एक-हरियाणवी एक, जबकि करनाल निगम चुनाव में मुख्यमंत्री के नाम से पंजाबी मुख्यमंत्री पहली बार बनने के विज्ञापन अखबारों में छपवाए गए। ऐसे में हरियाणा एक-हरियाणवी एक कहने वाले मुख्यमंत्री की कथनी व करनी में अंतर नजर आता है।

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