डायल कीजिए 1076, घर बैठे पाएं सरकारी सेवाएं, पहले दिन आईं 21 हजार कॉल

नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): सरकारी प्रमाण पत्र घर पर ही मुहैया कराने वाली दिल्ली सरकार की डोर स्टेप डिलिवरी योजना सोमवार से शुरू हो गई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद पूरी योजना पर नजर रख रहे हैं। कॉल सेंटर पर फोन करने पर लोगों के घरों पर मोबाइल सहायक जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए जाएंगे। दिल्ली सरकार का दावा है कि योजना के लॉन्च होने के कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 21000 कॉल हेल्पलाइन नंबर पर आए। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में कॉल आने के चलते कंजेशन हुआ और कॉल कनेक्ट नहीं हो पाए।



सहायक दस्तावेज स्कैन करने से लेकर सरकारी सेवाओं के लिए फॉर्म भरने का काम भी करेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। आवेदक को सरकारी सेवाओं के लिए पहले से निर्धारित फीस के अलावा 50 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। होम डिलिवरी का काम तीन वर्ष के लिए निजी कंपनी वीएफएस ग्लोबल को दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवाओं की डोर स्टेप डिलिवरी पूरी दुनिया के लिए अनोखा अनुभव बनकर निकलेगी और गवर्नेंस का मॉडल भी तय करेगी। अब तक पिज्जा जैसी सेवाओं की होम डिलिवरी हो रही है, लेकिन अब जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सरकारी सेवाओं की भी होम डिलिवरी होगी।



दिल्ली सरकार ने अपनी बहुचर्चित सरकारी सेवाओं की होम डिलिवरी योजना सोमवार को 40 सेवाओं के साथ के साथ लॉन्च कर दी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में योजना को लॉन्च करते हुए इसे देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली सरकार की सभी सेवाएं इससे जोड़ी जाएंगी। करीब 58 सरकारी कार्यालयों में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। अगले 3 महीने में इसमें 60 और सेवाओं को जोडऩे की प्लानिंग की गई है। कॉल सेंटर के नंबर 1076 पर फोन करने पर सरकारी सेवाएं घर बैठे उपलब्ध करायी जाएंगी। कॉल सेंटर सातों दिन, 24 घंटे काम करेंगे। 

एक फोन पर आएगा मोबाइल सहायक
एक फोन पर सरकारी सेवाएं लोगों के घर पर उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल सहायक हाजिर हो जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक सेवाओं के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे कॅाल सेंटर में फोन करना होगा और वहां अपना विवरण दर्ज कराना होगा। इसके बाद मोबाइल सहायक अभ्यर्थी के आवास पर आकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेगा। मोबाइल सहायक बॉयोमीट्रिक डिवाइस और कैमरा जैसे आवश्यक उपकरणों से लैस होगा। लेकिन जहां अभ्यर्थी की उपस्थिति आवश्यक है, वहां उसे जाना होगा।



पहले ही दिन सेवाओं के लिए हजारों लोगों ने किए कॉल 
 सरकारी सेवाओं की डोर स्टेप डिलिवरी योजना को लागू करने के बाद पहले ही दिन काफी समर्थन मिला है। बड़ी संख्या में आ रही फोन कॉल को देखते हुए मंगलवार से 40 की जगह 80 ऑपरेटर काम करेंगे। टेलीफोन लाइनों की संख्या को भी 50 से बढ़ाकर 120 किया जाएगा। सोमवार को दिल्ली सरकार ने सुबह करीब 10 बजे डोर स्टेप डिलिवरी योजना का शुभारंभ किया। उस समय से शाम छह बजे तक योजना के हेल्पलाइन पर कुल 2,728 कॉल आईं। इनमें से 1,286 कॉल का जवाब दिया गया। बाकी कॉल वेटिंग लाइन पर थीं और उनको कॉल बैक किया जा रहा है। विभिन्न सेवाओं के लिए कॉल करने वालों में से शाम 6 बजे तक 369 लोगों की मुलाकात निर्धारित की गई। इनमें से 7 लोगों के घर जाकर टीम ने जरूरी दस्तावेज ले लिया है। शाम 6 बजे तक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर 21,000 से ज्यादा कॉल  की कोशिश हुई, लेकिन हेवी ट्रैफिक की वजह से ये कनेक्ट नहीं हो पाईं।  सभी नंबरों की पहचान कर ली गई है। उन्हें अब कॉल सेंटर की तरफ से कॉल किया जाएगा। सरकार के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखी जा रही है। यदि कोई समस्या होगी तो इसे 2-3 दिन में ठीक कर लिया जाएगा।


डिलिवरी के लिए अपनानी होगी यह प्रक्रिया 

Related Stories:

RELATED MP Election: आलोक अग्रवाल का आरोप: BJP ने घोषणापत्र में AAP की योजना को किया शामिल