ज्योतिषियों का दावा-  स्थायी सरकार के साथ मोदी की वापसी, मंगल-राहु करेंगे देश को तंग

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दो चरण का मतदान हो चुका है। सभी जानना चाहते हैं कि अगली सरकार किसकी बनेगी? बनेगी तो क्या स्थायी होगी? ऐसे में ज्योतिषि अपने-अपने आकलन लेकर आ रहे हैं। ज्योतिषियों का दावा है कि आसमान में सितारे स्थायी सरकार का संकेत दे रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही आसमान में कई ग्रहों ने राशियां बदली हैं और कुछ बदलेंगे। कुछ वक्री होने जा रहे हैं। इन सबका प्रभाव पड़ेगा। पहले जानते हैं कि सितारों में क्या बदलाव हुए हैं। ऐसे बदल रहे सितारे

7 मई 2019 :  मंगल भी राहु के साथ मिथुन राशि में पहुंचेंगे, धनु में शनि और केतु बहुत नजदीक होंगे

23 मार्च 2019 :राहू मिथुन राशि में और केतु धनु में आए। 
29 मार्च 2019 :बृहस्पति वृश्चिक से धनु राशि में आए
10 अप्रैल 2019 :बृहस्पति की चाल वक्री हुई 
22 अप्रैल 2019 :बृहस्पति फिर वृश्चिक राशि में लौटे
30 अप्रैल 2019 :  धनु राशि में बैठे शनि की चाल वक्री होगी

नतीजा कैसा
चुनाव प्रक्रिया के दौरान डेढ़ महीने में सितारों में कई बड़े बदलाव यह संकेत देते हैं कि नतीजे कोई इतिहास रचने वाले हैं। इसका असर भारत पर दूरगामी होगा। बृहस्पति की स्थिति सत्तारूढ़ दल के अनुकूल है। भारत की कुंडली में बृहस्पति अष्टम भाव में संचरण कर रहा है, जोकि नकारत्मकता, अंधकार और मृत्यु का भाव है। इसका दशम भाव के स्वामी शनि के साथ कोई संबंध भी नहीं है। इसलिए मोदी सरकार की वापसी के अच्छे संकेत हैं। नतीजे के दिन 12वें भाव में शुक्र का संचरण कोई त्रिशंकु सरकार नहीं बनने देगा।

 

1984 में लोकसभा चुनाव के दौरान वृश्चिक राशि में शनि और केतु बेहद नजदीक आए थे। एक मजबूत जनादेश के साथ राजीव गांधी की सरकार बनी थी। इस बार धनु राशि में शनि और केतु नतीजे के वक्त काफी नजदीक होंगे, जो स्पष्ट बहुमत का संकेत है। 

एन.डी.ए. को पिछली बार से ज्यादा सीटें
गणेशा डॉट काम के आचार्य भारद्वाज के अनुसार शनि और केतु के योग से यह अनुमान है कि सत्तारूढ़ एन.डी.ए. को इस बार पिछली बार से भी ज्यादा सीटें मिलने की संभावना है। नतीजे वाले दिन चंद्रमा भी शनि और केतु के नजदीक रहेगा। 

7 मई से 22 जून का समय सावधानी वाला
नतीजों के समय रोहणी नक्षत्र में मंगल मिथुन राशि में संचरण करेगा। मंगल और राहु का योग कुछ समस्याएं पैदा करेगा, इसलिए 7 मई से 22 जून तक का समय बहुत सावधानी वाला है। 

मोदी की कुंडली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है। लग्न में लग्नेश मंगल नीच के चंद्र के साथ नीच भंग और रुचक राजयोग बना रहा है। उनके दशमभाव में शनि और शुक्र की युति है। एकादशभाव में उच्च राशि का बुध, सूर्य और केतु हैं। एकादशभाव लाभ का भाव है। गुरु चतुर्थ भाव में बैठे हैं।  ज्योतिषि रत्ना श्रीवास्तव के अनुसार वर्तमान में सूर्य की महादशा में मंगल का अंतर नरेंद्र मोदी के फिर प्रधानमंत्री बनने के योग प्रबल बना रहा है। 

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