सियासत की जमीन पर कैसे उगते हैं पैसे?

इलैक्शन डैस्क (संजीव शर्मा): 17वीं लोकसभा के चुनाव में इस बार करीब 70,000 करोड़ के खर्च का अनुमान है। हालांकि चुनाव आयोग के अनुसार सरकारी लिहाज से यह खर्च महज 7,000 करोड़ ही होगा। जाहिर है ऐसे में बाकी के पैसे को लेकर कई सवाल हैं। इसी बीच एक जिज्ञासा यह भी रहती है कि किस नेता के पास कितनी संपत्ति है। दरअसल 5 साल में यही एक मौका होता है जब देश की जनता को पता चलता है कि उनके नेताओं के पास कितनी दौलत है क्योंकि चुनावी हलफनामे में संपत्ति का जिक्र जरूरी है, अन्यथा नेता किसी को हवा भी न लगने दें कि धन-दौलत के मामले में वे कहां खड़े हैं। अब तक सम्पन्न हुए 3 चरणों के चुनाव में 1220 करोड़पति किस्मत आजमा चुके हैं। अभी 4 चरण और बाकी हैं। सियासत की जमीन पर पैसे आखिर कैसे उगते हैं? आइए जानते हैं प्रमुख नेताओं की संपत्ति के बारे में। 



अमित शाह को शेयर्ज पर भरोसा
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का ज्यादातर इन्वैस्टमैंट शेयर बाजार में है। उन्होंने 200 से अधिक अलग-अलग कंपनियों के शेयर खरीद रखे हैं। दिलचस्प ढंग से उनका भरोसा टाटा और रिलायंस पर ज्यादा है। उन्होंने रिलायंस की एक ही कम्पनी के अढ़ाई करोड़ से अधिक के शेयर खरीद रखे हैं। इनमें से 2 करोड़ 07 लाख 48 हजार 822 के शेयर रिलायंस की एक ही कम्पनी के हैं। रिलायंस के बाद उनको टाटा पर सबसे ज्यादा भरोसा है। टाटा की आधा दर्जन कंपनियों में उनके डेढ़ करोड़ के करीब के शेयर हैं। इसमें अकेली टाटा कंसल्टैंसी के ही 1 करोड़ 06 लाख 09 हजार 889 रुपए से अधिक के शेयर हैं। इसके अतिरिक्त उनका भरोसा ऑटो इंडस्ट्रीज पर भी है। अमित शाह ने मारुती सुजूकी और  मङ्क्षहद्रा एंड मङ्क्षहद्रा के भी 1 करोड़ कीमत के शेयर खरीद रखे हैं।  

 



राहुल का पैसा म्यूचुअल फंड्स में 
अमित शाह के विपरीत पैसा लगाने और कमाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी म्यूचुअल फंड्स और डाक बचतों पर ज्यादा भरोसा करते हैं। राहुल ने अपना  कुल निवेश 5 करोड़ 80 लाख, 58 हजार 779 दर्शाया है। दिलचस्प ढंग से इसमें से अकेले म्यूचुअल फंड्स में ही 5 करोड़ 19 लाख 44 हजार 682 रुपए का इन्वैस्टमैंट है।   शेष पैसे में से करीब 40 लाख रुपए पोस्टल सेविंग योजनाओं में इन्वैस्ट किए गए हैं।  राहुल ने 2 लाख 91 हजार 367 रुपए का निवेश ज्वैलरी में भी दर्शा रखा है। उनके पास 333 ग्राम स्वर्ण मौजूद है।   


अखिलेश-डिम्पल हैं ट्रडीशनल इन्वैस्टर 
कम उम्र में मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष बन जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पारम्परिक ढंग से बचत को अधिमान देते हैं। उन्हें राहुल और अमित शाह की तरह न तो म्यूचुअल फंड्स पर ऐतबार है और न ही शेयर मार्कीट का रिस्क वह लेना चाहते हैं। अखिलेश ने जो हलफनामा दिया है वह बताता है कि उनका अधिकांश निवेश बैंक खातों, बीमा पॉलिसी और डाक बचत खातों में ही है। उनके और उनकी पत्नी के पास किसी भी कम्पनी का कोई शेयर नहीं है। उलटे दोनों कैश रखने के शौकीन जरूर हैं। अखिलेश के पास 3 लाख 40 हजार कैश है, तो ङ्क्षडपल के पास 4 लाख। 

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