Landslide ने रोकी रफ्तार, Machinery के अभाव से जूझ रहा विभाग

तीसा: उपमंडल चुराह में बर्फबारी के बाद भू-स्खलन के कारण सड़कों पर रफ्तार रुक गई है। चम्बा-तीसा मार्ग पर लगातार भू-स्खलन से आवाजाही रुक गई है। वीरवार को हुई बारिश के बाद मुख्य मार्ग मधुवाड़ के पास मांजूघार पर लगातार भू-स्खलन हो रहा है। हालांकि मार्ग बहाल करने के लिए लो.नि.वि. के कर्मचारी व निजी मशीनरी तैनात की गई है लेकिन लगातार गिर रहे पत्थर मार्ग बहाली में रोड़ा बने हुए हैं। शुक्रवार दोपहर को विभाग ने मार्ग बहाल कर दिया था लेकिन फिर से भू-स्खलन होने के कारण मार्ग बंद हो गया है, जिस कारण जिला मुख्यालय से चुराह का संपर्क कट गया है।

चम्बा-तीसा मार्ग पर भी जगह-जगह भू-स्खलन

चम्बा-तीसा मार्ग पर भी जगह-जगह भू-स्खलन ने आवाजाही पर विराम लगाया हुआ है। चम्बा-तीसा मार्ग पर चिल्ली, पंगोला, शिया नाला, मधुवाड़ व रखालू में लगातार भू-स्खलन हो रहा है। हालांकि विभाग द्वारा यहां मशीनरी तैनात की गई है परंतु लगातार भू-स्खलन के कारण मार्ग खोलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लो.नि.वि. बंद मार्गों को बहाल करने में जुटा है। लो.नि.वि. को बर्फबारी व बारिश के कारण अब तक करीब 8 करोड़ रुपए का नुक्सान उठाना पड़ा है।

विभाग के पास स्टाफ के साथ मशीनरी का भी अभाव

लो.नि.वि. मंडल तीसा के पास स्टाफ  सहित मशीनरी का भी काफी अभाव है। मंडल के पास एकमात्र जे.सी.बी. है, जो काफी पुरानी है। इसके साथ ही विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ  भी नहीं है। मंडल तीसा के तहत 3 उपमंडल हैं। इन तीनों उपमंडलों में 2-2 कनिष्ठ अभियंता के पद भी रिक्त हैं। इसके बावजूद मार्ग को बहाल करना विभाग की कार्य दक्षता को दर्शाता है।

यातायात आवाजाही में रोड़ा बना भू-स्खलन

बर्फबारी के बाद जैसे ही सड़कों पर आवाजाही शुरू हुई उसके साथ जगह-जगह भू-स्खलन ने भी परेशानियां खड़ी करना शुरू कर दीं। सबसे ज्यादा परेशानी चम्बा-तीसा मार्ग पर आ रही है। जगह-जगह भू-स्खलन से मार्ग अवरुद्ध हो रहे हंै। उक्त मार्ग पर चिल्ली, पंगोला, मधुवाड़, मांजूघार व रखालू में भू-स्खलन हो रहा है, जहां मार्ग खोलने के लिए विभाग ने मशीनरी भी तैनात कर रखी है। नकरोड़-चांजू मार्ग पर कठवाड़ घार व मंगली सड़क पर जुनास घार विभाग के लिए सिरदर्द बनी हुई है।

निजी ठेकेदारों के वारे-न्यारे

लो.नि.वि. मंडल तीसा के पास मशीनरी का काफी अभाव है। मंडल तीसा की बंद सड़कों को खोलने के लिए विभाग को मजबूरन निजी मशीनरी ठेके पर लेनी पड़ती है, जिससे विभाग को बारिश व बर्फबारी में करोड़ों रुपए का भुगतान करना पड़ता है। यदि विभाग के पास अपनी मशीनरी हो तो काफी हद तक विभाग को लगने वाली करोड़ों रुपए की चपत से राहत मिल सकती है।

विभाग को समय पर नहीं मिलती मदद

उपमंडल चुराह में कई लघु विद्युत परियोजनाएं काम कर रही हैं। लो.नि.वि. की सड़क के माध्यम से अरबों रुपए की मशीनरी परियोजनाओं में स्थापित की जाती है लेकिन समय पर परियोजनाओं द्वारा भी लो.नि.वि. की मदद नहीं की जाती है। बर्फबारी के दौरान करीब 8 दिन लगातार ठेकेदारों की मशीनरी सड़कों को बहाल करने में लगी रही लेकिन परियोजनाओं द्वारा विभाग द्वारा प्रार्थना करने पर भी मशीनरी नहीं दी गई। परियोजनाओं द्वारा कहीं तेल खत्म होने तो कहीं हैल्पर न होने की बात कर आनाकानी की गई।

विभाग के पास महज एक ही जे.सी.बी.

लो.नि.वि. मंडल तीसा के अधिशासी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि लो.नि.वि. मंडल तीसा के दायरे में आने वाली सड़कों की लंबाई बेहद अधिक है तो साथ ही इस मंडल की आधे से ज्यादा सड़कें बर्फ वाले क्षेत्रों के दायरे में आती हैं। इस वजह से सड़कों को खोलने में समय लग रहा है। इन सड़कों को खोलने के लिए विभाग के पास अपनी महज एक ही जे.सी.बी. मौजूद है। इस स्थिति में विभाग द्वारा 12 जे.सी.बी., 1 लोडर व 2 पोकलेन किराए पर हायर की गई हैं। क्षेत्र में अब कोई भी निजी मशीन नहीं बची है, जिसके चलते विभाग से 2 जे.सी.बी. मशीनें मुहैया करवाने की मांग की गई है।

 

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