मोदी सरकार का बड़ा फैसला: आईबी और रॉ के प्रमुख लोकसभा चुनाव तक बने रहेंगे पद पर

नई दिल्ली:गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख अनिल के. धस्माना को छह-छह महीने का सेवा विस्तार मिला है। इन दोनों का दो साल का कार्यकाल इस महीने के अंत में खत्म हो रहा था। राजग सरकार अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले दो महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसियों के शीर्ष पदों पर नई नियुक्ति से बचना चाहती है। मौजूदा सरकार का कार्यकाल मई में पूरा होगा।

जैन का कार्यकाल 30 दिसंबर को तथा धस्माना का कार्यकाल 29 दिसंबर को खत्म हो रहा था। इस संबंध में एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने दोनों खुफिया प्रमुखों के कार्यकाल विस्तार का फैसला किया है। घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि केंद्र आईबी और रॉ में निरंतरता को बाधित नहीं करना चाहता। केंद्र का मानना है कि लोकसभा चुनावों के बाद नई सरकार इन महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों का फैसला करे।

झारखंड कैडर के 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी जैन 30 दिसंबर 2016 को दो साल के लिए आई बी निदेशक नियुक्त किए गए थे। राष्ट्रपति पुलिस पदक विजेता जैन संवेदनशील कश्मीर डेस्क सहित आईबी के कई विभागों में रह चुके हैं। वह पूर्ववर्ती राजग सरकार के कश्मीर पर वार्ताकार के सी पंत के सलाहकार थे, जब शब्बीर शाह जैसे अलगाववादी नेताओं के साथ वार्ता हुई थी। मध्य प्रदेश कैडर से 1981 बैच के अधिकारी धस्माना पिछले 23 साल से रॉ में हैं। इस दौरान वह पाकिस्तान डेस्क सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। रॉ विदेशी खुफिया जानकारी एकत्र करती है।

आदेश में कहा गया है कि एसीसी ने नीति आयोग के सलाहकार आईएएस अधिकारी अनिल श्रीवास्तव को प्रधान सलाहकार बनाया है। वह मध्य प्रदेश कैडर के 1985 बैच के अधिकारी हैं। सरकार ने पश्चिम बंगाल कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रामफल पवार को नेशनल क्राइम रिकॉर्डस ब्यूरो (एनसीआरबी) का निदेशक नियुक्त किया है। 

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