एट्रोसिटी एक्ट में बदलाव को लेकर सड़कों पर उतरे सैंकड़ों लोग, ADM कुल्लू को साैंपा ज्ञापन

कुल्लू (मनमिंदर): भारत में एस.सी./एस.टी. एट्रोसिटी एक्ट में बदलाव को लेकर कुल्लू के ढालपुर में सैंकड़ों लोगो ने प्रदर्शन किया और एक्ट के हो रहे दुरुपयोग को रोकने की मांग की। इस दौरान क्षत्रिय महासभा के नेतृत्व में लोगो ने ए.डी.एम. कुल्लू अक्षय सूद के माध्यम से राष्ट्रपति को भी ज्ञापन सौंपा। क्षत्रिय महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र ठाकुर ने कहा कि पल्दी घाटी में जो घटना घटी और उसके उपरांत जो शिकायतकर्ता ने जो झूठे आरोप देव समाज/कार्यकारिणी पर लगाए हैं। वे सरासर निराधार हैं, उन आरोपों की सत्यता के आधार पर जांच की जाए एवं दोषियों को कड़ा से कड़ा दंड दिया जाए।

केस की हो निष्पक्ष जांच

उन्होंने कहा कि जांच करते समय देव रीति, देव संस्कृति एवं परम्पराओं का भी सम्मान किया जाए। वहीं जिस व्यक्ति ने शिकायत दर्ज की है उसने लगभग 36 घंटों  के बाद शिकायत क्यों दर्ज की है । क्या उसने कोई नशीले पदार्थ का सेवन किया था जोकि मैडीकल जांच में न आ सके, जिस कारण वह समय पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा पाया। जितेंद्र ने कहा कि शिकायतकर्ता ने एट्रोसिटी एक्ट (एस.सी./एस.टी. एक्ट) की शक्तियों का जो उपयोग देव समाज पर अपने हित के लिए किया है, हम उसका खंडन करते हैं और निवेदन करते हैं कि इस केस की निष्पक्ष जांच हो।

गुच्छे को लेकर कोई अपवित्रता का सवाल बेबुनियाद

वहीं स्थानीय निवासी दीवान ने कहा कि देव प्रथा के अनुसार माघ संक्रांति के दूसरे दिन देव वीठ का अयोजन किया जाता है, जिसमें नरगिस के फूलों का गुच्छा लगा होता है, जिसको देवता वासुकि नाग का प्रतीक माना जाता है और इसको देव परंपरा के अनुसार प्रात: काल से शाम 4 बजे तक थाटिबीड़ तथा पटौला गांव के लोग नचाते हैं। उसके बाद यह वीठ दलित वर्ग के व्यक्ति वेद राम के पास दिया जाता है तथा शाम तक इस वीठ को नचाने का अधिकार दलित व्यक्ति के पास ही है। कार्यक्रम के अंत में इस वीठ में लगे नरगिस के फुलों के गुच्छे को फैंकने का पूर्णत: अधिकार भी इसी दलित व्यक्ति के पास होता है। अत: इस गुच्छे को लेकर कोई अपवित्रता का सवाल बेबुनियाद हैं। किंतु देव परंपरा के अनुसार इस गुच्छे को पकड़ने का अधिकार सिर्फ पटौला, नरौहुली, शिकारी वीड़ चकुरठा गांव के लोगों के पास ही है।

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