भारतीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने से शिक्षा को मिलेगा प्रोत्साहन

नई दिल्ली:  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय या देसी भाषाओं में प्रौद्योगिकी उपलब्ध होने से शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में वृद्धि को प्रोत्साहन में मदद मिलेगी।       

यहां एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि अंशधारकों के साथ इस बारे में विचार विमर्श से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि लोगों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा हो सकेगी और प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग भी नहीं किया जा सकेगा।  गडकरी ने कहा कि उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि नियमन समय के अनुकूल हो सकें।       

उन्होंने फर्जी खबरों के प्रसार का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अन्यथा जो चीजें हमने लोगों की बेहतरी, ज्ञान के लिए शुरू की हैं उनका दुरुपयोग होगा।’’  उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर अंशधारकों के साथ बात करनी चाहिए और पारदर्शी नियम और नियमन लाने चाहिए। इससे लोगों के बुनियादी अधिकारों का संरक्षण हो सकेगा और प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग भी रोका जा सकेगा।  उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से न केवल कामकाज के संचालन से जुड़ी सेवाएं जन-जन तक पहुंचाई जा सकेंगी, बल्कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आॢथक वृद्धि दर को भी प्रोत्साहन दिया जा सकेगा।       

गडकरी ने कहा कि अंग्रेजी बोलने या समाचार सुनने वाले लोगों की संख्या भारतीय भाषा के उपभोक्ताओं की तुलना में काफी कम है। इसके बावजूद आनलाइन उपलब्ध ज्यादातर सामग्री अंग्रेजी में होती है।  

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